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UP: यूपी में ‘इंडिया’ मतलब सपा-कांग्रेस... गठबंधन से छिटक रहे हैं एक के बाद एक दल, बढ़ा सकते हैं मुश्किलें

Mon, 01 Apr 2024 02:41 PM IST
शाहरुख खान चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ

सार

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर यूपी में सिर्फ ‘इंडिया’ में सपा और कांग्रेस रह गए हैं। गठबंधन से एक के बाद एक दल छिटक रहे हैं। ऐसे में ये दल मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिस वक्त इंडिया गठबंधन की दिल्ली में रैली हो रही थी और पूरे देश में विपक्षी एकजुटता का संदेश दिया जा रहा था, उसी वक्त उत्तर प्रदेश में गठबंधन के दो धड़ों ने अलग होने का एलान कर दिया। इनमें पीडीए का नारा बुलंद करने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी उम्मीदवारी घोषित की, तो सपा विधायक पल्लवी पटेल ने पिछड़ा, दलित, मुसलमान (पीडीएम) न्याय मोर्चा का एलान कर दिया। 
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ऐसे में अब प्रदेश में इंडिया गठबंधन का मतलब सिर्फ सपा और कांग्रेस ही रह गई है। हालांकि कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस से जुड़ने वाले पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी को गठबंधन के तहत भदोही सीट दी गई है।

यूपी में मुख्य विपक्षी दल सपा के साथ विभिन्न दल एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने का भले ही खूब प्रयास किए, लेकिन चंद दिनों के बाद ही उनमें बिखराव होने लगा। सपा ने कांग्रेस को अमेठी, रायबरेली व वाराणसी सहित 17 सीटें दीं। इस बीच सपा के सिंबल पर विधायक बनीं अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने तेवर दिखाए।
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 उन्होंने सपा पर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की अनदेखी का आरोप लगाया। उनकी पार्टी ने फूलपुर, मिर्जापुर, कौशांबी से प्रत्याशी उतारने की घोषणा भी की। अब रविवार को पल्लवी पटेल ने एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के साथ मंच साझा किया और पीडीएम न्याय मोर्चा का एलान कर दिया।
 

पल्लवी के इस कदम के सियासी मायने हैं। वह पिछड़ा, दलित और मुसलमानों की एकजुटता के जरिये नया मोर्चा तैयार करने की ख्वाहिशमंद हैं। इसमें ओवैसी उनके साथ हैं। यह कवायद कितना करिश्मा दिखाएगा, यह तो वक्त बताएगा लेकिन इतना जरूर है कि विभिन्न दलों के छिटकने से इंडिया गठबंधन की सियासी धार अब कुंद हो सकती है। 

 

पल्लवी के इस कदम पर सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी सवाल उठाते हैं। कहते हैं कि पल्लवी पटेल सपा की विधायक हैं। उन्हें अलग मोर्चा बनाने से पहले नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।

 

स्वामी प्रसाद मौर्य, डॉ. संजय चौहान और चंद्रशेखर बने प्रत्याशी
अखिलेश के साथ पीडीए की वकालत करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा का साथ छोड़कर राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी बनाई और रविवार को कुशीनगर से खुद चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। सपा गठबंधन में शामिल रहे जनवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय चौहान को उम्मीद थी कि गठबंधन के तहत वह घोसी से मैदान में उतरेंगे, लेकिन सपा ने राजीव राय को प्रत्याशी बना दिया।
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उन्होंने 30 लोकसभा सीट पर लड़ने का एलान किया और अब तक 14 सीट पर उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं। इसी तरह पीडीए का नारा देने वाले आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद ने नगीना से नामांकन कर दिया है। महान दल चुनाव मैदान में नहीं है। दल के अध्यक्ष केशवदेव मौर्य ने सपा-बसपा को समर्थन देने और कांग्रेस-भाजपा उम्मीदवार का विरोध करने का एलान किया है।
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