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UP: बाहुबली धनंजय की पत्नी का टिकट कटने पर क्यों भड़के अखिलेश? मायावती के फैसलों पर करारा वार; जानें रणनीति

अजित बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 08 May 2024 02:58 PM IST

सार

बसपा पर हमला आखिलेश यादव की रणनीति है। आम तौर पर वे बसपा या मायावती के बारे में सवाल पूछने पर उसे टाल जाते थे, लेकिन कन्नौज में अखिलेश ने कहा कि टिकट में बदलाव से साफ जाहिर है कि बसपा स्पष्ट तौर से भाजपा की मदद कर रही है। 
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
जौनपुर में बसपा के टिकट बदलने के बाद अखिलेश यादव का मायावती के फैसलों पर खुलकर हमला बोलना यूं ही नहीं है। यूपी की करीब 25 सीटों पर बसपा के प्रत्याशियों से सीधे विपक्षी गठबंधन के समीकरण प्रभावित होने का खतरा है।

जौनपुर में बसपा ने पहले पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी को टिकट दिया, लेकिन अचानक उनका टिकट काटकर वहां से अपने मौजूदा सांसद श्याम सिंह यादव को उतार दिया। जाहिर है कि श्रीकला के प्रत्याशी होने से भाजपा को नुकसान होता, क्योंकि क्षत्रिय समाज का वोट बंटने की संभावना थी। 


वहीं, श्याम सिंह यादव सपा के वोटबैंक में सेंध लगाएंगे। मुस्लिमों और यादव मतदाताओं के बीच श्याम सिंह यादव का अपना भी प्रभाव है। इसलिए इस एक सीट के बहाने सोमवार को अखिलेश यादव ने कन्नौज में बसपा पर सीधे हमला बोला। 

आम तौर पर वे बसपा या मायावती के बारे में सवाल पूछने पर उसे टाल जाते थे, लेकिन कन्नौज में अखिलेश ने कहा कि टिकट में बदलाव से साफ जाहिर है कि बसपा स्पष्ट तौर से भाजपा की मदद कर रही है। 
 
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
जौनपुर में बसपा के टिकट बदलने के बाद अखिलेश यादव का मायावती के फैसलों पर खुलकर हमला बोलना यूं ही नहीं है। यूपी की करीब 25 सीटों पर बसपा के प्रत्याशियों से सीधे विपक्षी गठबंधन के समीकरण प्रभावित होने का खतरा है।

जौनपुर में बसपा ने पहले पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी को टिकट दिया, लेकिन अचानक उनका टिकट काटकर वहां से अपने मौजूदा सांसद श्याम सिंह यादव को उतार दिया। जाहिर है कि श्रीकला के प्रत्याशी होने से भाजपा को नुकसान होता, क्योंकि क्षत्रिय समाज का वोट बंटने की संभावना थी। 

वहीं, श्याम सिंह यादव सपा के वोटबैंक में सेंध लगाएंगे। मुस्लिमों और यादव मतदाताओं के बीच श्याम सिंह यादव का अपना भी प्रभाव है। इसलिए इस एक सीट के बहाने सोमवार को अखिलेश यादव ने कन्नौज में बसपा पर सीधे हमला बोला। 

आम तौर पर वे बसपा या मायावती के बारे में सवाल पूछने पर उसे टाल जाते थे, लेकिन कन्नौज में अखिलेश ने कहा कि टिकट में बदलाव से साफ जाहिर है कि बसपा स्पष्ट तौर से भाजपा की मदद कर रही है। 
 

उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से अपील भी की कि वे बसपा की इस साजिश को समझें। यहां बता दें कि अखिलेश यादव अपनी हर सभा में कह रहे हैं कि भाजपा आई तो बाबा भीम राव आंबेडकर के बनाए संविधान को बदलने का काम करेगी।
 

बसपा ने सबसे ज्यादा 23 मुस्लिम, तो चार यादव प्रत्याशी उतारे हैं। जौनपुर की तरह ही मैनपुरी में भी बसपा ने गुलशन देव शाक्य का टिकट काटकर शिव प्रसाद यादव को मैदान में उतारा है। मायावती ने कन्नौज में अखिलेश यादव के सामने इमरान बिन जफर को चुनाव मैदान में उतारा है। 

 

सपा यह सीट पिछली बार भाजपा से हार चुकी है। इसी तरह बसपा ने आजमगढ़ में सपा के धर्मेंद्र यादव के सामने मशहूद आलम को टिकट दिया है। सलेमपुर में सपा ने पूर्व सांसद रमाशंकर राजभर पर दांव लगाया, तो बसपा ने भी यहां से भीम राजभर को मैदान में उतार दिया। 
 

इसी तरह बलिया में बसपा ने पूर्व सैनिक लल्लन सिंह यादव को उम्मीदवार बनाकर सपा के परंपरागत यादव मदाताओं को अपने पाले में करने का दांव चला है।
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