मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि सभी जिलों में ऑक्सीजन की व्यवस्था निरंतर बनाए रखा जाए। कम संक्रमण वाले जिलों में भी ऑक्सीजन को लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरती जाए। वह ऑक्सीजन की व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
इस दौरान बताया गया कि प्रदेश में 1,011 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया है। इसमें रीफिलर को 632 मीट्रिक टन और मेडिकल कॉलेजों को 301 मीट्रिक टन की आपूर्ति की गई है। वाराणसी, लखनऊ,प्रयागराज, कानपुर जैसे बड़े और अधिक संक्रमण दर वाले जिलों में ऑक्सीजन की उपलब्धता बेहतर हो रही है। मंगलवार को 08 टैंकर की नई ट्रेन आ रही है, जबकि 10 टैंकर वाली जीवनरक्षक एक्सप्रेस लखनऊ में खड़ी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिलों की जरूरत को देखते हुए इनका समुचित वितरण कराया जाए।
गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद के अलावा कम संक्रमण दर वाले जिलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्रायोजनिक टैंकरों की उपलब्धता के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा भी टैंकर उपलब्ध कराई जा रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज से अतिरिक्त टैंकर मिल गए हैं। टैंकरों की संख्या सतत बढ़ रही है, इससे ऑक्सीजन आपूर्ति और बेहतर करने में सहायता मिली है।
ऑक्सीजन प्लांट स्थापना में तेजी लाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सिजन प्लांट की स्थापना की कार्यवाही तेजी से की जाए। भारत सरकार द्वारा स्थापित कराए जा रहे प्लांट के संबंध में मुख्य सचिव सतत अनुश्रवण करते रहें। आक्सीजन उत्पादन-आपूर्ति में गन्ना विकास और आबकारी विभाग का सहयोग भी मिला है। 70 जिलों में इनके द्वारा आक्सीजन प्लांट लगाने की कार्यवाही की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल एजुकेशन विभाग के असप्तालों में स्थापित होने वाले प्लांट की कार्यवाही की दैनिक समीक्षा की जानी चाहिए। निजी क्षेत्र द्वारा भी ऑक्सिजन प्लांट स्थापित कराए जा रहे हैं, उन्हें नियमानुसार सभी आवश्यक सहूलियत प्रदान की जाए। कोविड के उपचार हेतु एयर सेपरेटर यूनिट, ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना आदि के संबंध में सांसद/विधायक निधि से सहयोग किया जा सकता है।