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UP: अग्निकांड में बुझ गई रोशनी, जिंदा जलीं सगी बहनें; राख के ढेर से निकाले गए दोनों के शव, हर तरफ चीख पुकार

Thu, 16 Apr 2026 09:50 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के विकासनगर अग्निकांड में दो मासूम सगी बहनों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। माता-पिता के बाहर होने पर बच्चे झोपड़ी में अकेले थे। आग में सब कुछ राख हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरी बस्ती में मातम पसरा है।
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विकासनगर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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विकासनगर के के सेक्टर 14 में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड में दो सगी मासूम बहनें जिंदा जल गईं। बृहस्पतिवार को दोनों के शव बरामद किए गए। दो बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। प्रशासन की मदद से दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शवों का गुलाला घाट पर दफना दिया गया।

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बस्ती में सतीश पत्नी पूनम, ससुर दुलारे दो वर्षीय स्वाति, चार वर्षीय कुहू और दो माह की बिटिया आयुषी के साथ लंबे समय से रहते थे। सतीष ने बताया कि वह और उनके ससुर बुधवार को मजदूरी करने गए थे। वहीं, पूनम भी काम से बाहर गई थीं। झोपड़ी में तीनों बच्चे मौजूद थे। 

 

अपनों की तलाश करते लोग। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

पूनम ने बच्चों से कहा था...

पूनम ने बच्चों से कहा था कि वह थोड़ी देर में लौटकर आ रही हैं, झोपड़ी से बाहर नहीं निकलना। शाम को दुलारे काम से लौटे तो देखा कि बस्ती में आग लगी है। दुलारे ने बताया कि उन्होंने बस्ती के भीतर घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने भीतर जाने नहीं दिया। उन्होंने बच्चों की खोजबीन की तो कुहू एक पड़ोसी के पास मिली। 

पूछने पर कुहू ने बताया कि आग लगने पर वह शोर मचाते हुए बाहर निकल आई थी, जबकि स्वाति और आयुषी झोपड़ी के भीतर थीं। बुधवार रात में आग बूझने के बाद परिजनों ने बच्चों की तलाश की, लेकिन कछ पता नहीं चल सका। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने राख के ढ़ेर से दोनों मासूमों के शव निकाले तो चीख पुकार मच गई। उधर, लापता हुए चार अन्य बच्चे अपने परिवार के पास पहुंच गए, जिसके बाद उनके घरवालों ने राहत की सांस ली।

 

आंखों में आंसू लिए अपनों की तलाश - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

सब कुछ राख, बचे सिर्फ शरीर के कपड़े

सतीश ने बताया कि आग ने उनका सबकुछ छीन लिया। दो बच्चों के साथ-साथ कपड़े, राशन सब चले गए। उन्होंने 20 हजार रुपये बचाकर रखे थे, जो जल गए। अब उनके पास सिर्फ पहने हुए कपड़े बचे हैं। आग की खबर सुनकर गणेशपुर चिनहट में रहने वाले सतीश के भाई कुलदीप पहुंचे और भाई व उनके परिवार को अपने साथ घर लेकर गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बच्चों के दम घुटने के बाद जलने से मौत की पुष्टि हुई है।

 

हर तरफ दिखी राख - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

जीवन भर रहेगी टीस

दुलारे ने बताया कि वह आग लगने के बाद भगदड़ के बीच बहुत से बच्चों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकालकर लाए थे, लेकिन दोनों नातिनों को नहीं बचा सके। इसका उन्हें जीवन भर अफसोस रहेगा। उन्होंने बताया कि रात में आग बुझने के बाद भी उन्हें भीतर बस्ती में नहीं जाने दिया गया। 
 
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20 घंटे बाद पुलिस ने बस्ती वालों को भीतर जाने की अनुमति दी। सूत्रों का कहना है कि एक देसी शराब के ठेके के पास से आग लगी थी, जिसकी सूचना लोगों ने पुलिस को दी थी। आरोप है कि करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी।
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