नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा सामाजिक समीकरणों का शानदार गुलदस्ता है। भाजपा और वह खुद जातीय जनगणना के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन, वर्ष 2004 से 2014 तक जब केंद्र में सपा समर्थित यूपीए की सरकार थी, तब यह मामला क्यों नहीं उठाया। चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न हमारी सरकार ने दिया। मुलायम सिंह यादव को सम्मानित करने का काम किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि भारत रत्न से पेट नहीं भरा करता और इसके बाद सपा के सभी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
केशव ने अपना संबोधन जारी रखते हुए कहा कि सपा के लोग पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को 2027 में सत्ता पाने के मुंगेरी लाल के सपने दिखा रहे हैं। सपा, कांग्रेस और अन्य दलों के शासन में आरक्षित वर्ग का जो नुकसान हुआ है, भाजपा सरकार उसकी भरपाई करने का प्रयास कर रही है। जातीय जनगणना का विषय केंद्र का है। भाजपा के ही डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने भारत रत्न को लेकर नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणी को अपमानजनक बताया।
बेसिक शिक्षकों को पुरानी पेंशन का मुद्दा उठा
कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिये ही निर्दल समूह के राजबहादुर सिंह चंदेल और डॉ. आकाश अग्रवाल ने 40 हजार बेसिक शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन की मांग उठाई। कहा कि इन शिक्षकों की नियुक्ति 1 अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर हुई है। इसलिए वे शासनादेश के तहत पुरानी पेंशन के हकदार हैं। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि इन शिक्षकों की सिर्फ ट्रेनिंग 1 अप्रैल 2005 से पहले के विज्ञापन के आधार पर हुई है। इसलिए वे पुरानी पेंशन के लिए अधिकृत नहीं हैं। पीठ ने मामला दिखवा लेने के निर्देश दिए।