कार्यक्रम में पहुंचे कुमार विश्वास।
- फोटो : अमर उजाला।
विश्वास ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान हिंदी अखबारों में अमर उजाला ही इकलौता समाचार पत्र था जिसने सरकार से लोहा लिया। अमर उजाला ने सच को सच लिखा। एक समय ऐसा भी आया कि जब सरकार ने संस्थान की बिजली काट दी तो अमर उजाला ने ट्रैक्टर से मोटर चलाकर अखबार निकाला था।
दिल्ली में प्रदूषण पर भी की टिप्पणी
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर कहा कि जब पहले दूसरी सरकारें थीं तो विपक्ष के लोग तंज कसते थे, लेकिन आज मेयर से लेकर प्रधानमंत्री तक उनका ही है तो हालात क्यों नहीं सुधर रहे। उन्होंने कहा कि जनता मूलरूप से राजा या सरकार के खिलाफ नहीं होती बल्कि वे तो उस दर्द के खिलाफ होते हैं जो तत्कालीन सरकारों के समय में उन्हें मिलता है।