केजीएमयू के एक रेजीडेंट डॉक्टर पर साथी रेजीडेंट से धर्मांतरण का दबाव बनाने और गिरोह चलाने के आरोप लगे हैं। पीड़िता ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव संग प्रेसवार्ता कर खुलासे किए।
केजीएमयू के जिस रेजीडेंट ने अपनी साथी रेजीडेंट पर धर्मांतरण करने का दबाव बनाया है उसकी एक नहीं बल्कि दो शादियां हो चुकी हैं। दूसरी शादी हिन्दू युवती का धर्म बदलावकर की थी। अंदेशा है कि डॉक्टर गिरोह बनाकर धर्मांतरण करवा रहा है। ऐसे कई बेहद गंभीर आरोप सोमवार को पीड़ित रेजीडेंट ने उस पर लगाए हैं।
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पीड़िता ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के साथ मिलकर प्रेसवार्ता की। जिसमें उसने कहा कि पिछले छह महीने से रेजीडेंट उनका शोषण कर रहा था। धर्मांतरण न करने पर शादी से इन्कार कर दिया था। अपर्णा यादव ने कहा कि पीड़िता ने आयोग में शिकायत की थी।
जिसका संज्ञान लेकर कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में एफआईआर के लिए केजीएमयू प्रशासन व पुलिस को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से छानबीन होना बेहद जरूरी है क्योंकि जिस तरह से अब तक परतें खुली हैं उससे आशंका है रेजीडेंट किसी न किसी मकसद के तहत धर्मांतरण का गिरोह चला रहा है। इसमें और लोग भी शामिल हैं।
...राख के ढेर में मिला दिए जाआगे
अपर्णा यादव ने कहा कि ऐसे मामले लगातार हो रहे हैं। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग युवतियों व किशोरियों को जाल में फंसाकर धर्मांतरण करवा रहे हैं वह चुन-चुन कर राख के ढेर मे मिला दिए जाएंगे। वह विस्तृत जांच के लिए पुलिस-प्रशासन के अफसरों को पत्र लिखेंगी।
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धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉक्टर ने खुद को बताया कुंवारा, कमेटी ने मांगे सबूत
केजीएमयू में धर्मांतरण के प्रयास का मामला बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कुलपति के निर्देश पर इसे विशाखा कमेटी को सौंप दिया गया। कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभ में पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर और आरोपी पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान आरोपी डॉक्टर ने खुद को कुंवारा बताया, तो कमेटी ने उससे कुंवारे होने के सबूत मांगे हैं।
जांच का जिम्मा मिलने के बाद विशाखा कमेटी ने पहले पीड़िता और आरोपी डॉक्टर को कई बार फोन किया, संपर्क नहीं हो सका, जिसके बाद दोनों को व्हाट्सएप के जरिये लिखित सूचना भेजी गई। इसके बाद दोनों से संपर्क हो पाया। इस दौरान आरोपी रेजिडेंट ने बीमारी का हवाला देकर छुट्टी मांगी, लेकिन विभागाध्यक्ष ने छुट्टी देने से इन्कार कर दिया।
दोपहर बाद पीड़िता और आरोपी दोनों विशाखा कमेटी के समक्ष पेश हुए। दोनों के बयान दर्ज किए गए। कमेटी के सामने आरोपी डॉक्टर ने खुद को कुंवारा बताया और पूर्व में एक अन्य महिला डॉक्टर से शादी की बात से इन्कार किया। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि पीड़िता ने लिखित शिकायत में आरोपी की पहली डॉक्टर पत्नी का उल्लेख किया है, इसलिए कमेटी ने आरोपी से कुंवारा होने के सबूत मांगे हैं। वहीं, केजीएमयू पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश बाबू ने बताया कि विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। मैं पीड़िता के साथ हूं और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का पक्षधर हूं।
कमेटी ने कहा है कि शिकायत में जिन महिला डॉक्टर का जिक्र है, उन्हें भी पेश किया जाए। यदि यह संभव नहीं हुआ तो आरोपी को शपथपत्र देना होगा, जिसमें कुंवारा होने और किसी भी वैवाहिक या निजी संबंध से इन्कार दर्ज हो। जांच देर रात तक चली और मंगलवार को निर्णय लिए जाने की संभावना है।
केजीएमयू पैथोलॉजी विभाग में पश्चिम बंगाल की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के पिता ने उत्तराखंड के खटीमा निवासी पुरुष रेजिडेंट डॉक्टर पर बेटी का धर्मांतरण कराने के प्रयास का आरोप लगाया है। शिकायत मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग को भेजी गई है। पिता का आरोप है कि आरोपी ने शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाया और इन्कार करने पर लगातार परेशान किया। इसी कारण 17 दिसंबर को पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास किया। उसका इलाज ट्रॉमा सेंटर की आईसीयू में चला और शुक्रवार को हालत में सुधार के बाद डिस्चार्ज किया गया।