अमौसी एयरपोर्ट, बनी, उन्नाव, जैतीपुर, अजगैन, मगरवारा होते हुए कानपुर के गंगा बैराज तक। बाद में इसे लखनऊ-कानपुर के मेट्रो स्टेशनों से भी जोड़ा जाएगा।
परियोजना की खासियत
इस रूट को सड़क और रेलवे मार्ग के साथ विकसित किया जाएगा। कोहरा, बारिश या मौसम संबंधी अन्य बाधाओं का असर रफ्तार पर नहीं पड़ेगा। अभी सड़क मार्ग से डेढ़ से दो घंटे का सफर है। रैपिड रेल इसे आधे से भी कम समय में पूरा करेगी। सड़क यातायात का दबाव और वायु प्रदूषण भी कम होगा। क्षेत्रीय व्यापार, नौकरी और शिक्षा क्षेत्र में विकास को बल मिलेगा।
एनसीआरटीसी को एनओसी इस शर्त पर दी गई है कि मास्टर प्लान का उल्लंघन न हो। कानपुर और उन्नाव विकास प्राधिकरण पहले ही एनओसी दे चुके हैं। प्रोजेक्ट को पांच साल के भीतर पूरा करने की बात सामने आ रही है। -
प्रथमेश कुमार, वीसी एलडीए