आकाश ने मायावती ने मांगी थी माफी
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद का व्यक्तित्व पार्टी में काफी हद तक ठीक रहा है, लेकिन पिछले दिनों कुछ कारणों से संगठन में कई जरूरी बदलाव करने पड़े। उन्होंने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने का भी जिक्र किया।
मायावती के मुताबिक, इसके बाद आकाश आनंद के व्यक्तित्व और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिला। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आकाश की ओर से पार्टी में वापस काम करने की इच्छा जताने वाले पोस्ट का भी उन्होंने उल्लेख किया। आकाश ने अपने पोस्ट में मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु और प्रेरणा बताते हुए दोबारा पार्टी के लिए काम करने का अवसर मांगा था।
कई बार पद से हटाए जा चुके हैं आकाश आनंद
आकाश आनंद का अपनी बुआ से रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में आकाश आनंद को उन्होंने राष्ट्रीय संयोजक का पद दिया। चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा में दिए गए भाषण के बाद मायावती ने उन्हें पद से हटा दिया।
लोकसभा चुनाव में बसपा यूपी में कोई भी सीट जीतने में सफल नहीं रही थी। बाद में मायावती ने फिर से एक बार आकाश आनंद को यह जिम्मेदारी दे दी। बीते वर्ष आकाश आनंद के श्वसुर सिद्वार्थ आनंद से विवाद के बाद आकाश आनंद को फिर से पार्टी के पद से निकाल दिया गया।
बाद में फिर से उन्हें वापस लेकर राष्ट्रीय संयोजक बना दिया गया। बीते तीन सितंबर को पहले आकाश को राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटाया बाद में दस सितंबर को उन्हें बसपा की प्राथमिक सदस्यता से भी बाहर का रास्ता दिया। अब एक बार फिर से पांच अक्तूबर को आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बना दिया गया है।
3 सितंबर: आकाश को पद से हटाया
तीन सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाते हुए कहा था कि वह अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हैं। इसके बाद पार्टी संगठन में उनकी भूमिका सीमित कर दी गई थी।
10 सितंबर: पार्टी से किया गया अलग
इसके कुछ दिन बाद 10 सितंबर को आकाश आनंद को बसपा से पूरी तरह अलग कर दिया गया। इसके बाद मायावती ने छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में आगे बढ़ाने का फैसला किया।
23 सितंबर: ईशान बने राष्ट्रीय संयोजक
23 सितंबर को लखनऊ में हुई बसपा की राष्ट्रीय स्तर की बैठक में मायावती ने ईशान आनंद को पार्टी का नया राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया। उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गई और पार्टी की आगामी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका सौंपी गई।
5 अक्तूबर: आकाश की फिर वापसी
अब पांच अक्तूबर को मायावती ने आकाश आनंद को फिर पार्टी में शामिल करते हुए राष्ट्रीय संयोजक पद की जिम्मेदारी सौंप दी। यह फैसला आकाश की ओर से सोशल मीडिया के जरिए दोबारा पार्टी में काम करने की इच्छा जताने के बाद हुआ। मायावती ने कहा कि आकाश के व्यक्तित्व और कार्यशैली में बदलाव देखने को मिला है और पार्टी नेताओं की सहमति के बाद उन्हें फिर जिम्मेदारी दी गई।