उन्होंने निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए गोवंश को धूप और लू से बचाने, भूसा, हरा चारा, चोकर, पानी, बिजली तथा दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के गोआश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश के बेहतर भरण-पोषण, भूसे एवं हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था तथा मूलभूत सुविधाओं की सुनिश्चितता के लिए 1 मई से 15 मई 2026 तक सघन निरीक्षण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान अवधि में किसी भी अधिकारी का अवकाश स्वीकृत नहीं होगा। निदेशालय से लेकर जनपद स्तर तक अधिकारी गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे।
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पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए प्रदेश के 18 मंडलों हेतु नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए गोवंश को धूप और लू से बचाने, भूसा, हरा चारा, चोकर, पानी, बिजली तथा दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी गौशाला में गोवंश भूखा-प्यासा नहीं रहना चाहिए।
मंत्री ने प्रत्येक गौशाला में न्यूनतम 10 कुंतल भूसे का आरक्षित भंडार अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय किसानों से भूसा खरीदकर अस्थायी गोदामों और खाली सरकारी भवनों में भंडारण करने को कहा गया है।
उन्होंने गोशालाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर भी जोर देते हुए बायोगैस प्लांट, वर्मी कम्पोस्ट और अन्य गौ-उत्पादों के माध्यम से रोजगार बढ़ाने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वर्तमान में 60.99 लाख कुंतल भूसा संग्रहण लक्ष्य के सापेक्ष 20.32 लाख कुंतल भूसा एकत्र किया जा चुका है।