खरीफ फसलों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथियां घोषित कर दी गई हैं। प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि, जलभराव, कीट, रोग और बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान पर किसानों को बीमा लाभ मिलेगा। प्रभावित किसान 72 घंटे के भीतर सूचना देकर दावा प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
खरीफ सीजन 2026-27 में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उप कृषि निदेशक विनय कुमार कौशल ने किसानों से समय रहते योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि लखनऊ जिले में योजना के संचालन के लिए यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को नामित किया गया है। ऋणी किसानों के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 तथा गैर-ऋणी किसानों के लिए 14 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
योजना के तहत अधिसूचित खरीफ फसलें धान, बाजरा, मक्का, ज्वार और उड़द बीमा सुरक्षा के दायरे में रहेंगी। किसानों को बुवाई न हो पाने, खड़ी फसल को ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भू-स्खलन, आकाशीय बिजली, बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर बीमा लाभ मिलेगा। इसके अलावा कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को 14 दिनों तक ओलावृष्टि, चक्रवात और बेमौसम बारिश से होने वाली क्षति भी योजना में शामिल की गई है।
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक ने बताया कि गैर-ऋणी किसान आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, खतौनी, फसल बुवाई घोषणा-पत्र, बैंक खाते का विवरण और आईएफएससी कोड के साथ निकटतम जन सेवा केंद्र या बैंक शाखा में निर्धारित प्रीमियम जमा कर बीमा करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि फसल को किसी दैवीय आपदा से नुकसान होता है तो किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देकर बीमा दावा प्रक्रिया शुरू करा सकते हैं। किसानों से अपील की गई है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते फसल बीमा कराकर योजना का लाभ सुनिश्चित करें।