प्रदेश के सभी जिलों में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) स्थापित की जाएगी। जिला अस्पताल में यही यूनिट 10 से 15 बेड तो मेडिकल कॉलेजों में 25 से 30 बेड की होगी। इससे कोरोना सहित विभिन्न बीमारियों की चपेट में आने वाले बच्चों को बचाया जा सकेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है।
प्रदेश में अभी तक सभी जिलों में पीडियाट्रिक आईसीयू की व्यवस्था नहीं है। कई स्थानों पर पीआईसीयू बने हैं, लेकिन उनका संचालन नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में भेजा जाता है। यहां हालत में सुधार नहीं होने पर केजीएमयू, पीजीआई और लोहिया संस्थान रेफर किया जाता है। पिछले दिनों चिकित्सा विशेषज्ञों ने भविष्य में बच्चों के बीच वायरस की चपेट में आने की आशंका जताई है।
इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने पीडियाट्रिक आईसीयू को लेकर जल्द से जल्द व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में 10 से 15 बेड और मेडिकल कॉलेजों में 25 से 30 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह हर मंडल मुख्यालय पर 100 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग पीआईसीयू की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गया है। पीआईसीयू के लिए चिकित्सकीय उपकरण की व्यवस्था कराई जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ पीआईसीयू के संचालन के लिए संबंधित अस्पताल के चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे।