फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार

Fri, 26 Jun 2020 01:06 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

  • गैर राज्यों से आने वाले लोगों की जांच से लेकर नमूने लेना बंद
  • एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं
  • सिर्फ इंटरनेशनल फ्लाइट से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग हो रही 
  • स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं कोई रिकॉर्ड
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से तेजी से संक्रमण फैल रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग गैर राज्य से आने वाले लोगों के संक्रमण फैलाने की दुहाई दे रहा है। यही नहीं, संक्रमण रोकने के लिए विभाग ने कोई इंतजाम नहीं किए हैं। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं है। 
विज्ञापन


एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल फ्लाइट से आने वाले यात्रियों की सिर्फ स्क्रीनिंग हो रही है। उनके नमूने तक नहीं लिए जा रहे। स्वास्थ्य विभाग हवा में कोरोना कंट्रोल के दावे कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद सभी व्यवस्थाएं भी समाप्त हो गईं। ऐसे में सिर्फ इंटरनेशनल फ्लाइट से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग हो रही है।

राजधानी में कोरोना के करीब 900 से अधिक केस आ चुके हैं। अनलॉक होते ही स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर गैर राज्यों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग व क्वारंटीन किए जाने के जो भी इंतजाम किए थे। वह सब बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में नोएडा और गैर राज्य मुंबई, दिल्ली समेत अन्य जगहों से आने वाले लोगों की जांच से लेकर उनकी डिटेल लेने का काम स्वास्थ्य विभाग ने बंद कर दिया है। 
विज्ञापन


सैकड़ों लोग हर रोज गैर राज्यों से लखनऊ आ रहे हैं। इनके तापमान की जांच लेने के बाद उन्हें जाने दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास इन यात्रियों की डिटेल तक नहीं है। आशंका है कि ये संदिग्ध यात्री तेजी से संक्रमण फैला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ  हवा में कोरोना कंट्रोल होने का दावा कर रहा है। 

सीएमओ प्रवक्ता योगेश ने बताया कि एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल फ्लाइट से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग हो रही है। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर अभी जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में आशा-एएनएम यात्रियों की निगरानी कर रही हैं। वहीं, नगरीय क्षेत्र में नगर निगम के जरिए बनी मोहल्ला समिति काम देख रही है। 

हर रोज आ रहे करीब दस हजार यात्री
राजधानी में घरेलू उड़ान, बस व रेल से करीब दस हजार से अधिक यात्री आ रहे हैं। इनकी जांच की कोई भी व्यवस्था सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग ने नहीं किया है। उनके क्वारंटीन व नमूने लेने की कोई भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यह यात्री यहां पर संक्रमण तेजी से फैला रहे हैं।

लॉकडाउन में यह थी व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता योगेश के मुताबिक, लॉकडाउन में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट पर गैर राज्य या विदेश से आने वाले हर यात्री का रिकॉर्ड रखा जाता था। उन्हें होम क्वारंटीन किए जाने के निर्देश दिए जाते थे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम हर रोज यात्री की सेहत का फोन जरिए हालचाल लेती थी। इसके अलावा कोई भी संदिग्ध रोगी होने पर उसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया जाता था। स्वास्थ्य विभाग की टीम 28 दिन तक क्वारंटीन पीरियड में यात्री के संपर्क में रहती थी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें