कोरोना टीकाकरण में प्रत्येक लाभार्थी ग्रुप के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। बुजुर्ग मरीजों के लिए ग्राम पंचायत तक टीकाकरण केंद्र बनाने की योजना है। वहीं पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगना है। इसलिए टीकाकरण की व्यवस्था स्वास्थ्य केंद्र पर होगी। दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर के लिए उन्हीं के नजदीकी स्थलों पर व्यवस्था की जाएगी। वहीं तीसरे चरण में आउट रीच सेशन में सामुदायिक केंद्र से लेकर अन्य जगह व्यवस्था की जाएगी। टीकाकरण के लिए सुबह 09 से शाम 05 बजे तक का समय तय किया जा रहा है।
भारत सरकार से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में टीकाकरण के लिए अलग-अलग स्थानों का चयन किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से ऊपर के सरकारी चिकित्सा इकाईयों में टीकाकरण केंद्र बनाए जाएंगे। फ्रंट लाइन वर्कर के लिए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में टीकाकरण केंद्र होंगे। वहीं आउट रीच सेशन के लिए फ्रंट लाइन वर्कर के ऑफिस, स्कूल, सामुदायिक केंद्रों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसी तरह तीसरे चरण में 50 साल के ऊपर के बुजुर्गों के लिए ग्राम पंचायत और म्युनिसिपलिटी तक टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एक अधिकारी ने बताया कि आउट रीच सेशन के लिए चुनाव में बनने वाले पोलिंग बूथ का इस्तेमाल भी करने की योजना है। इसके अलावा दूरस्थ और पहुंच में कठिन क्षेत्रों, घुमंतू समुदाय और अंतराष्ट्रीय सीमा तक पहुंच के लिए पोलियो अभियान की तरह विशेष मोबाइल टीम भी लगाई जाएंगे।
स्वास्थ्य कर्मियों के नौ समूह चिह्नित
टीकाकरण के लिए हेल्थ वर्कर के नौ ग्रुप बनाए गए हैं। इनमें फ्रंटलाइन हेल्थ और आईसीडीएस कर्मी, नर्स और सुपरवाइजर, चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ, स्टाफ, वैज्ञानिक और रिसर्च स्टाफ, चिकित्सीय एवं प्रशासनिक स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के समूह चिन्हित किए गए हैं। वहीं फ्रंटलाइन वर्कर समूह में आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, कोस्ट गार्ड, पैरा मिलिट्री फोर्स, होम गार्ड्स, जेल कर्मी, आपदा प्रबंधन कर्मी, नगर निगम कर्मी, पुलिस फोर्स को शामिल किया गया है।