बलरामपुर जिले के उतरौला ब्लाक में एक शव को कूड़ा गाड़ी में ले जाने के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उतर प्रदेश के डीजीपी व बलरामपुर के नगर पालिका अध्यक्ष को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को इस संबंध में अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी करने के साथ ही प्रदेश सरकार से कहा है कि कोरोना संक्रमण से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान भूमि चिन्हित की जाएं जिससे मृतकों के परिजनों का उत्पीड़न न हो।
आयोग ने कहा है कि शव के साथ किया गया बर्ताव शर्मनाक व अमानवीय है। इससे स्पष्ट है कि सरकारी कर्मचारी न सिर्फ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में नाकाम रहे बल्कि उन्होंने विचलित करने वाली क्रूरता दिखाई।
आयोग ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर हनन बताया है। इस मामले में पालिका कर्मियों के साथ ही तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। घटना को लेकर जो वीडियो वायरल हुआ उसमें एक उप निरीक्षक व दो सिपाही शव को कूड़ा गाड़ी में लादे जाते हुए देख रहे थे। आयोग ने प्रदेश सरकार से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।