पूरी तरह डिजिटल हो चुकी यूपी विधानसभा की वेबसाइट जल्द देश में पहली बार एक बड़े बदलाव से गुजरेगी। विधानसभा के डाटा में भी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा। 1887 से लेकर वर्तमान तक जितनी भी विधायी कार्यवाही हुई हैं, सभी में एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। पिछले 137 वर्ष में यूपी विधानभवन के दोनों सदनों में किस नेता ने किस मुद्दे पर क्या और कब बोला, ये सेकेंडों में सामने आ जाएगा। उदाहरण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने शिक्षा पर क्या बोला था, केवल की वर्ड टाइप कीजिए और शिक्षा पर बोलने वाले हिस्सा सामने आ जाएगा।
विधानभवन राज्य का प्रतिनिधित्व करता है। उसकी छवि का निर्धारण करता है। देशभर में इस समय यूपी विधानसभा के चर्चे हैं। देखा जाता है कि सत्र के दौरान भी विधायक और मंत्री सवाल-जवाब देकर सदन से चले जाते हैं या आते-जाते रहते हैं। जब सीएम योगी सदन में लंबे समय तक बैठ सकते हैं तो क्या अन्य सदस्य व मंत्री साल में 20 दिन भी विधानसभा में नहीं बैठ सकते। एआई टूल के जरिये प्रत्येक सदस्य के सदन में बैठने के समय, आने-जाने सहित किस विषय पर कब और कितनी देर बोले आदि का हिसाब किताब रखा जाएगा। इसके जरिये विधायिका के कामकाज में प्रत्येक सदस्य की भागीदारी को सुनिश्चित करना है।