सीएम ने एसआईआर के मुद्दे को लेकर विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि सपा संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है। समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने में नहीं चूक रहे हैं। सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, यह शोभा नहीं देता। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, मजाक, अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान दें। उन्होंने बताया कि एसआईआरए में 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित, मृत या शिफ्टिंग हैं। सपा इन्हें जबर्दस्ती वोट बनाकर फर्जी पोलिंग करती थी। आज वो चिल्ला रही है कि फॉर्म-7 के नाम पर फर्जी काम हो रहा है। सीएम ने आयोग द्वारा बनाई गई फॉर्म-6, फॉर्म-7 व फॉर्म-8 की व्यवस्था की उपयोगिता बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने नौ वर्षों में पर्यटन, हॉस्पिटिलिटी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों तक सीमित न रहकर नई तकनीकों और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश ऑटोमेशन और डाटा आधारित निर्णय प्रणाली को अपनाते हुए एआई रोबोटिक्स, एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, साइबर सुरक्षा और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में एक साथ प्रगति कर रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में भी उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
हाल ही में लखनऊ में प्रदेश की पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना हुई है। इसके साथ ही राज्य में इस क्षेत्र से जुड़े कई नए निवेश प्रस्ताव भी लगातार आ रहे हैं। आज देश में जितने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल देश में खरीदे जा रहे हैं, उनमें से 19 फीसदी से अधिक हिस्सा यूपी का है। वहीं, तिपहिया वाहनों में 40 फीसदी से अधिक भागीदारी है। फेम-1 और फेम-2 के प्रमुख लाभार्थी यूपी के हैं। एक्सप्रेस कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशन की स्थापना और 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन यूपी में हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बदलती पहचान का एक महत्वपूर्ण आधार युवा शक्ति है।
स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश का युवा तेजी के साथ अपनी एक नई धमक और पहचान बना रहा है। आज प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। इसके अतिरिक्त 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 8 यूनिकॉर्न हैं, आज प्रदेश के युवा नेतृत्व और इनोवेशन की ताकत को न केवल प्रदेश बल्कि पूरा देश देख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब युवा स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ता है और आत्मनिर्भर बनता है, तो बेरोजगारी की दर अपने आप कम हो जाती है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से अधिक थी, जो अब घटकर 2.24 प्रतिशत तक पहुंच गई है।