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यूपी : हाईकोर्ट ने सरकार से तलब की गवाहों की सुरक्षा की योजना, पीआईएल पर अगली सुनवाई 20 को

Tue, 08 Dec 2020 10:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ हाईकोर्ट
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी सरकार से  फौजदारी के मुकदमों के गवाहों की हिफाजत सम्बंधी योजना की कार्यवाही के दस्तावेजों को तलब किया है। कोर्ट ने सरकारी वकील को निर्देश दिया कि योजना संबंधी सरकार के पत्रों व दस्तावेजों को दो हफ्ते में जवाबी हलफनामे के साथ पेश किया जाए।
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न्यायमूर्ति पंकज मितल और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने यह आदेश रनसमर फाऊंडेशन की अध्यक्ष आभा सिंह की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में, आपराधिक केसों के गवाहों की हिफाजत समेत उनके हितों के संरक्षण का मुद्दा उठाया गया है। साथ ही इस मुद्दे पर महेंद्र चावला के केस में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को प्रदेश में प्रभावी दंग से अमल में लाने के निर्देश राज्य सरकार को दिए जाने की गुजारिश याचिका में की गई है। याची का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के उक्त फैसले के प्रकाश में गवाहों के संरक्षण की योजना -2018 को लागू किया जाना चाहिए।

उधर, राज्य सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि सरकार ने इस योजना को प्रदेश में तत्काल व प्रभावी तरीके से लागू करने के जरूरी निर्देश सभी जिलों के अफसरों को जारी कर दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को नियत कर सरकारी वकील को निर्देश दिया कि योजना संबंधी सरकार के पत्रों व दस्तावेजों को दो हफ्ते में जवाबी हलफनामे के साथ पेश किया जाए जिससे याची मामले में आगे जवाब दे सके व गुण-दोष पर बहस कर सके। मालूम हो कि आपराधिक मुकदमों में सबसे अधिक खतरा गवाहों को ही होता है। क्योंकि उनकी गवाही मुकदमों में अहम होती है।
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