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UP: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने को चुनौती मामले में हाईकोर्ट सख्त, मांगी पंचायत चुनाव की तिथि

Wed, 03 Jun 2026 02:15 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से पंचायत चुनाव की तिथि बताने को कहा है। साथ ही राज्य सरकार को पिछड़ा वर्ग आरक्षण से जुड़ी आयोग की रिपोर्ट 10 जुलाई तक पेश करने का निर्देश दिया है।
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court - फोटो : adobestock
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विस्तार
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प्रदेश की ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें इनमें प्रशासक नियुक्त करने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों के चुनाव कब कराएंगे। 

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चुनाव की तिथि भी अगली सुनवाई पर बताने को कहा है। अदालत ने राज्य सरकार को भी पंचायत चुनाव के मद्देनजर गठित समर्थित अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट भी अगली सुनवाई पर 10 जुलाई को पेश करने का निर्देश दिया। 

न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश  ओमप्रकाश  प्रजापति की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश की ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने पर , राज्य सरकार ने आदेश जारी करके  वहां के प्रधानों को ही उनकी ग्राम पंचायतों में बतौर प्रशासक नियुक्त कर दिया है। 

3 जून को सुनवाई करने का आग्रह किया गया था

याचिकाकर्ता ने इस आदेश को कानून की मंशा के खिलाफ कहकर इसे चुनौती दी है। मंगलवार को सुनवाई के समय, राज्य सरकार की ओर से याचिका पर 3 जून को सुनवाई करने का आग्रह किया गया था। कोर्ट ने तदनुसार, मामले को 3 जून को सूचीबद्ध करके पेश करने का निर्देश दिया था। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायत चुनाव कराने की तिथि पेश करने का आदेश दिया है। 

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कोर्ट ने राज्य सरकार की इस दलील को नहीं माना कि ओ बी सी आयोग छह माह में रिपोर्ट देगा। कोर्ट ने राज्य सरकार को मामले की अगली सुनवाई पर 10 जुलाई को यह रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।  दरअसल, पंचायत चुनाव में सीटों के आरक्षण आदि के निर्धारण के लिय राज्य सरकार ने समर्थित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित किया है, जो छह माह में अपनी रिपोर्ट देगा। 

इसकी रिपोर्ट के बाद ही पंचायत चुनाव कराने की बात कही हाल रही थी। लेकिन, अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार को ओ बी सी आयोग की रिपोर्ट पेश करनी है। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग को भी पंचायत चुनाव की तिथि कोर्ट को बतानी है।

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