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UP: संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण मामले में हाईकोर्ट ने किया जवाब तलब, आठ सितंबर तक देना होगा जवाब

Thu, 06 Aug 2026 09:54 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ

सार

शिक्षकों के नियमितीकरण मामले में कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) से पूछा है कि क्या इन शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए कोई कदम उठाए गए हैं। मामले आठ सितंबर तक जवाब देना होगा।
 
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- फोटो : सांकेतिक तस्वरी
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विस्तार
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश में 15 साल से अधिक संविदा पर कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के नियमितीकरण मामले में जवाब मांगा है। कोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) से पूछा है कि क्या इन शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए कोई कदम उठाए गए हैं। उन्हें 8 सितंबर तक निजी हलफनामे पर इसका जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

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न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह आदेश संविदा शिक्षक अर्चना बोध की याचिका पर दिया। अर्चना बोध अमेठी के कस्तूरबा गांधी रेजिडेंशियल गर्ल्स स्कूल में वर्ष 2010 से कार्यरत हैं।

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16 जून के आदेश से विभाग ने उनकी संविदा का नवीनीकरण करने से इन्कार कर दिया था। याची ने इसे अपने जीविका के अधिकार का हनन बताया। कोर्ट ने इस मामले को बड़ा मुद्दा मानते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक अर्चना बोध अपने पद पर कार्यरत रहेंगी।

हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता के रूप में आदरणीय हैं। हाईकोर्ट ने आदेश में टिप्पणी की कि यह मामला विचार करने योग्य है, खासतौर पर जब याची शिक्षक है, जो राष्ट्र निर्माता के रूप में आदरणीय है। जिसके साथ राज्य ऐसा व्यवहार कर रहा है कि 16 साल सेवा करने के बाद उसे अपने बचाव के लिए फेंक दिया गया है।

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