हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आदेश का पालन न करने पर गोंडा के जिलाधिकारी को बुधवार को कोर्ट में पेश होने और वेतन से 5 हजार रुपये हर्जाना अदा करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने मंगलवार को यह आदेश ओंकार नाथ वर्मा की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
17 अगस्त 2026 को कोर्ट ने सरकारी वकील को संबंधित मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। साथ ही कहा था कि निर्देश नहीं आने पर मामले के पक्षकार गोंडा के जिलाधिकारी 8 सितंबर को कोर्ट में पेश होंगे।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान सरकारी वकील की निर्देश न मिलने की बात पर कोर्ट ने पूछा कि अधिकारी क्यों मौजूद नहीं है। सरकारी वकील इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
इस पर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को तय करते हुए जिलाधिकारी को पेश होने का निर्देश दिया। साथ ही कहा, मामला पक्षकार अफसर की वजह से मुल्तवी हुआ इसलिए जिलाधिकारी अपने वेतन से 5 हजार रुपये बतौर हर्जाना अदा करेंगे।