कोर्ट ने कहा यह ब्योरा चौकाने वाला है और गुमशुदा लोगों की शिकायतों पर अफसरों की यह कारवाई मामले में उनकी गंभीरता में कमी दिखाता है। उनके इस रवैए पर हम स्तब्ध हैं। इसपर प्राधिकारियों की तरफ से जल्द ध्यान देने की जरूरत है।
कोर्ट ने याची विक्रमा प्रसाद को छूट दी कि वह, अपर मुख्य सचिव गृह के दाखिल निजी हलफनामे का जवाब दाखिल कर सकता है। साथ ही कहा कि व्यापक जनहित वाले इस मामले को संबंधित अदालत के समक्ष याची प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई किए जाने का अनुरोध भी कर सकता है।