20 और जिलों में भी सामान्य से कम बरसे बादल
प्रदेश के 20 अन्य जिलों में भी सामान्य से 20 से 59 फीसदी तक कम बारिश हुई है। इनमें गोरखपुर, जौनपुर, महाराजगंज, मऊ, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सीतापुर जैसे जिले शामिल हैं। इससे साफ है कि अच्छी बारिश का दौर आने के बावजूद मानसून का फायदा प्रदेश के सभी हिस्सों तक एक जैसा नहीं पहुंच सका।
कहीं जलभराव, कहीं सूखे जैसे हालात
हाल के दिनों में प्रदेश के कई जिलों में तेज और भारी बारिश हुई। कहीं सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव हुआ तो कहीं नदियों का जलस्तर बढ़ गया। इसके उलट कम बारिश वाले जिलों में खेतों और ग्रामीण इलाकों में पानी की कमी बनी हुई है। एक ही समय में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की यह विपरीत तस्वीर मानसून के असमान वितरण को साफ तौर पर सामने ला रही है।
सितंबर की बारिश पर टिकी नजर
कम बारिश वाले जिलों के लिए अब सितंबर की बारिश बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। सितंबर मानसून का अंतिम चरण है और इसी महीने की वर्षा से अब तक की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।