सार
उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र का असर दिख रहा है। राजधानी समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई। शुक्रवार को प्रदेश के 49 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है, जबकि तापमान में विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं है।
उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र का असर बृहस्पतिवार को देखने को मिला। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों, पूर्वांचल और तराई के जिलों में गरज चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी देखने को मिली। राजधानी लखनऊ समेत वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, अमेठी आदि में छिटपुट बारिश हुई।
मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार के लिए 49 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके असर से शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में गरज चमक और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। तापमान में काई विशेष परिवर्तन के संकेत नहीं है।
लखनऊ के कई इलाकों में जोरदार बारिश
लखनऊ में शाम 4:40 बजे से कई इलाकों में जोरदार बारिश शुरू हो गई। लोग अचानक शुरू हुई मूसलाधार बारिश में भीगने से बचने के लिए जहां-तहां पेड़ों और फ्लाईओवर के नीचे छिप गए। हजरतगंज, कैसरबाग, पारा, सरोजनीनगर आदि इलाकों में आधे घंटे तक जोरदार बरसात हुई। वहीं, गोमतीनगर, इंदिरानगर की तरफ शाम 7 बजे बारिश हुई। शहर में सुबह से धूप-छांव का दौर जारी था।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, शुक्रवार से अगले करीब एक सप्ताह तक बारिश में कमी आ जाएगी। लखनऊ में 1 जून से 7 सितंबर तक 626 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 562.9 मिलीमीटर होती है। इस तरह मानसून सीजन में अब तक सामान्य से करीब 11% ज्यादा बारिश हुई है।