भीषण गर्मी में ट्रेनों के एसी फेल होने से यात्रियों का सफर मुश्किल में पड़ रहा है। पसीने से तरबतर यात्रियों को गेट खोलकर यात्रा करनी पड़ रही है। शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
यात्री ओमप्रकाश राय ने बताया कि वह गाड़ी संख्या 12391 श्रमजीवी एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी बी-1 से नई दिल्ली के लिए यात्रा कर रहे थे। बोगी में कूलिंग फेल होने से बैठना मुहाल हो गया। इसी ट्रेन के यात्री रजत पांडेय ने शिकायत दर्ज कराई कि फर्स्ट एसी बोगी में पानी नहीं था, गंदगी का भी अंबार था।
वहीं, गाड़ी संख्या 15051 पूर्वांचल एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी बी-9 में सवार यात्री उत्सव राज ने बताया कि एसी फेल होने से बोगी में घुटन होने लगी। गोमतीनगर से गोरखपुर जाने वाली 05082 आनंदविहार-छपरा फेस्टिवल स्पेशल के यात्री धर्म चौरसिया ने बताया कि चेयरकार में एसी कूलिंग ठप रही। डॉ. 15034 पाटलीपुत्र एक्सप्रेस के एक यात्री को पेट दर्द होने लगा। रेलवे को अपनी पीड़ा बताने के बाद बादशाहनगर रेलवे स्टेशन पर डॉ. संजय तिवारी ने उनका इलाज किया।
टीटीई ने तोड़ दिया यात्री का मोबाइल
गाड़ी संख्या 13010 दून एक्सप्रेस से हावड़ा जा रहे यात्री राहुल राणा ने शिकायत की कि वह जनरल बोगी में यात्रा कर रहे थे। बोगी में टीटीई यात्रियों से अवैध वसूली कर रहा था। उन्होंने इसका विरोध किया तो टीटीई ने मोबाइल तोड़ दिया।
ट्रेन लेट, स्क्रीन पर दिखती रही ऑनटाइम
गाड़ी संख्या 22426 वंदे भारत एक्सप्रेस की महिला यात्री लतिका गुप्ता ने शिकायत की कि ट्रेन देरी से लखनऊ पहुंची, लेकिन पूरे रास्ते बोगी के अंदर लगी स्क्रीन पर ट्रेन ऑनटाइम दिखती रही। यात्री ने सवाल उठाया कि ऐसी स्क्रीनों का क्या फायदा, जो यात्रियों को मूर्ख बनाएं। ऐसे ही आनंदविहार से अयोध्या जाने वाली 22425 वंदे भारत लेट रही। गाड़ी संख्या 04514 सहारनपुर हावड़ा के यात्री आर्य घोष ने बताया कि उनकी ट्रेन चार घंटे, जबकि 05057 के यात्री मो. काजिम ने बताया कि ट्रेन छह घंटे लेट रही। 01416 ट्रेन को रात साढ़े बजे लखनऊ पहुंचना था, लेकिन ट्रेन सुबह साढ़े छह बजे पहुंची।
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नोज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मधुरा, हाथरस, कासगंज एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर संभल, बदायूं, जालोन, हमीरपुर, महोबा, झांसी व आस पास के क्षेत्र।
यहां है वार्म नाइट होने की संभावना
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, बदायूं व आस पास के क्षेत्र ।
राजधानी में शुक्रवार को भीषण गर्मी के बीच पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा है। यह वर्तमान सीजन में लखनऊ में दर्ज हुआ सबसे ज्यादा तापमान है। अधिकतम तापमान अभी सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा है। दूसरी तरफ न्यूनतम तापमान में 2.7 डिग्री की कमी भी आई है। शुक्रवार को यह 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शुक्रवार की सुबह से ही तेज धूप ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर तक झुलसा देने वाली धूप व गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का राह चलना मुहाल कर दिया। गर्मी के असर से दोपहर में सड़कों पर सूनापन साफ नजर आया है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग सिर को ढके और पानी की बोतल साथ लिए नजर आए।
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते लखनऊ में 27 अप्रैल से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और 28 व 29 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। इस बदलाव से तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट के संकेत हैं। इससे तपिश और लू जैसे हालात से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार तापमान में बढ़ोतरी जारी है। शनिवार व रविवार को लू का असर और तेज हो सकता है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
गर्मी व धूप से बेहाल छात्र
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के मद्देनजर बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप से बच्चों को बचाने के लिए हैं।
धूप में किसी भी गतिविधि पर रोक लगाई गई है। प्रार्थना सभाएं छायादार स्थानों या कक्षाओं में होंगी। आउटडोर गतिविधियां सुबह 9 बजे तक पूरी करनी होंगी। विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, छाया और पंखों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। फर्स्ट-एड की भी व्यवस्था अनिवार्य है।
शिक्षकों को बच्चों को समय-समय पर पानी पीने और लू से बचाव के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है। बच्चों को जंक फूड, बासी या मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। विद्यालयों को पंखे, स्वच्छ शौचालय और मिड-डे-मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने फर्स्ट-एड किट में ओआरएस, बुखार और उल्टी-दस्त की दवाएं रखने को कहा है।