पैसे की कमी सूबे की विकास योजनाओं में रोड़ा न बने इसके लिए सरकार नाबार्ड के ग्रामीण अवस्थापना विकास निधि (आरआईडीएफ) से प्रदेश को मिलने वाली सहायता का तय आवंटन बढ़वाने में जुट गई है। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश के लिए सुरक्षित फंड की सीमा 900 करोड़ रुपये और बढ़ाने का आग्रह किया गया है।
सूबे में सड़क, सिंचाई, पुल, नलकूप, अस्पताल, पंप कैनाल जैसी ग्रामीण अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए प्रदेश सरकार नाबार्ड से वित्तीय सहायता प्राप्त करती है।
वित्त वर्ष 2015-16 के लिए नाबार्ड ने यूपी का आवंटन 1600 करोड़ तय कर रखा है। इस सीमा तक की विभिन्न परियोजनाओं के लिए सरकार अपने दावे नाबार्ड को भेज सकती है। मगर, अब इसमें बढ़ोतरी की मांग की गई है।
प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने बड़े प्रदेश व ग्रामीण अवस्थापना कार्यों की बढ़ती आवश्यकताओं का हवाला देते हुए नाबार्ड से 2015-16 का आवंटन 1600 से बढ़ाकर 2500 करोड़ करने का आग्रह किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नाबार्ड ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया है और जल्द फैसले की उम्मीद है।