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महंगी दाल से राहत देगी सरकार, कीमतों में होगी भारी कमी

Wed, 21 Oct 2015 10:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदेश में जल्द ही रियायती दर पर अरहर की दाल उपलब्ध होगी। कार्डधारियों को यह दाल करीब 109 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराई जा सकती है। अरहर दाल की आसमान छूती कीमतों पर काबू करने के लिए सरकार की सक्रियता से यह उम्मीद बढ़ी है।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को यहां अधिकारियों के साथ बैठक की और दाल की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र सरकार को पत्र लिखकर दाल पर लगी स्टॉक लिमिट को अभी न हटाकर लंबे समय तक जारी रखने का अनुरोध किया जाए।

जिससे जमाखोरों और कालाबाजारियों पर कठोरता से नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को कर्मचारी कल्याण निगम के माध्यम से लोगों को सस्ती दर पर दाल मुहैया कराने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। यह दाल राशन कार्ड के जरिये लोगों को दी जाएगी।
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अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि केंद्र सरकार से जल्द ही प्रदेश को 250 टन अरहर मिल जाएगी। इसे कर्मचारी कल्याण निगम के गोदामों से बंटवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इसे प्रत्येक जिले में समान मात्रा में बंटवाने की हिदायत दी।

केंद्र सरकार ने फिलहाल तीन महीने तक प्रतिमाह प्रदेश को 250 टन अरहर देने का आश्वासन दिया है। माना जा रहा है कि अरहर की एक किस्म की दाल दिसंबर-जनवरी तक बाजार में आ जाएगी। जिससे दाल के संकट से निजात दिलाने में सरकार को काफी हद तक मदद मिल जाएगी।
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कर्मचारी कल्याण निगम को 69 रुपये में मिलेगी दाल

दाल उपभोक्ताओं को किस दर पर मुहैया होगी, इसका फैसला अभी नहीं हो पाया है। कारण, कर्मचारी कल्याण निगम को अरहर अभी मुंबई बंदरगाह से मंगानी है। निगम को यह 69 रुपये प्रति किलो की दर पर मिलेगी।

निगम को अरहर की दराई और सफाई कराई होनी होगी। ढुलाई और दराई सहित अन्य खर्च जोड़कर अरहर दाल का भाव तय किया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि  उपभोक्ताओं को यह दाल 109 रुपये प्रति किलो में पड़ेगी।

केंद्र पर फोड़ा ठीकरा
मुख्यमंत्री ने अरहर दाल की कीमत में अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर चिंता जताई। कहा कि पूरे देश में अनाज की कीमत को काबू में रखना केंद्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। राज्य सरकार अपने स्तर से  प्रदेश की जनता को राहत पहुंचाने के लिए उपाय कर रही है। साथ ही जमाखोरों और मुनाफाखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि केंद्र सरकार ने दाल पर स्टॉक लिमिट अक्टूबर, 2015 तक बढ़ा दी है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस सिलसिले में केंद्र को पत्र लिखकर दालों की स्टॉक सीमा लंबे समय तक लगाए रखने का अनुरोध करने का निर्देश दिया।
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