साक्षी मलिक व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रियो ओलंपिक में पहलवान साक्षी मलिक के कांस्य पदक जीतने पर खुशी जताई और कहा कि एक बेटी ने देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने साक्षी को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार देने की घोषणा की। अखिलेश ने कहा, रक्षाबंधन के लिए दिन साक्षी को कांस्य पदक मिलने की खबर ज्यादा सुखद है।
अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कालिदास मार्ग स्थित आवास पर विभिन्न समुदाय की बालिकाओं, महिलाओं और प्रजापति ब्रह्मकुमारियों से राखी बंधवाई और कहा, रक्षाबंधन का संदेश है कि आपसी भाईचारा बढ़े और समाज में खाई पैदा करने वाली ताकतों का खात्मा हो।
इस पर्व में भाई की कलाई पर जब राखी बांधी जाती है तो वह बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। यह अनूठा पर्व है जो भारत के अलावा अन्य किसी देश में नहीं मनाया जाता।
'समाजवादियों की कोशिश महिलाओं का सम्मान बढ़े'
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अखिलेश बोले, समाजवादी इस कोशिश में हैं कि महिलाओं, बेटियों का सम्मान बढ़े। उन्होंने सामाजिक रक्षा बंधन के कार्यक्रम के आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष गोपालदास नीरज के प्रयासों की सराहना की।
राखी बांधने वालों में कवियित्री डॉ. सरिता शर्मा, ब्रह्मकुमारी राधा बहन, बाल संरक्षण आयोग की सदस्य तबस्सुम खान आदि थीं। हेल्प यू एजुकेशनल एवं चैरिटेबल संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मंत्री राजेन्द्र चौधरी, बलवंत सिंह रामूवालिया, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन, इस्कॉन के प्रतिनिधि मंत्रदास मौजूद थे।
दौड़ में जीतेगी साइकिल
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इशारों ही इशारों में अगली बार फिर सपा सरकार बनने का भरोसा जताया। कहा कि दौड़ में साइकिल ही जीतेगी। दूसरे साइकिल के मुकाबले कहीं नहीं ठहरेंगे। साइकिल की यात्रा बिना प्रदूषण के होती है।
जन-जन का यह आदेश, फिर अखिलेश-फिर अखिलेश
पद्मभूषण डॉ. गोपाल दास ‘नीरज’ ने कहा कि अखिलेश यादव जैसा मुख्यमंत्री देश में कोई दूसरा नहीं है। वह बहुत शालीन हैं। उन्होंने कामना की कि वह बार-बार सीएम बनें। उन्होंने नारा दिया,-‘जन-जन का यह आदेश, फिर अखिलेश-फिर अखिलेश’।
रक्षाबंधन समन्वय पैदा करने वाला त्योहार : उदय प्रताप
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राखी के पर्व का धर्म से कोई मतलब नहीं है। यह समन्वय पैदा करने वाला त्योहार है। हुमायूं को पद्मावती ने राखी भेजी थी।