मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि हस्तशिल्प सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने पहले भी कई कदम उठाए हैं। अब उनकी सरकार शिल्प व बुनाई के लिए मशहूर सभी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए आगामी बजट में एलान करेगी।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री 2016-17 के बजट में इस सेक्टर के लिए नई योजना का एलान कर सकते हैं। उन्होंने यहां इस सेक्टर को प्रोत्साहन के संकेत देकर निजी क्षेत्र को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की भी कोशिश की।
मुख्यमंत्री बुधवार को होटल ताज में राज्य सरकार व हैंड डिजाइन संस्था की ओर से आयोजित ‘टू मेक यूपी हब फॉर लग्जरी क्राफ्ट’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भदोही में कारपेट बाजार बना रही है। लखनऊ में 200 करोड़ की लागत से लखनऊ हाट बनाया। नोएडा और गाजियाबाद में हाट बनाए। हेरिटेज गांव की स्थापना की जा रही है। इसे एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं। इन गांवों में और भी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह संस्था सूबे के कारीगरों के हाथ के जादू को निखारेगी। दुनिया में पहचान दिलाएगी। इससे संस्था को तो लाभ होगा ही, कारीगरों तक उसका मुनाफा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि वे इस सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए पूरा सहयोग देंगे।
बिचौलियों के बजाय मूल कारीगरों को मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारीगरों को बाजार की बारीकियों की भी जानकारी दी जानी चाहिए। इससे मुनाफे की रकम बिचौलियों के बजाय मूल कारीगरों तक पहुंच सकेगी। इस मौके पर साड़ी बुनकर सईदुर्रहमान ने मुख्यमंत्री को साड़ी बुनाई की बारीकियों से अवगत कराया।
इसके पहले वक्ताओं ने डिजाइन स्कूल, प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्था के साथ इस सेक्टर में ज्यादा निवेश किए जाने की वकालत की। इस अवसर पर राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी, सांसद डिम्पल यादव, प्रमुख सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम रजनीश दुबे तथा विभिन्न क्षेत्रों से आए कारीगर, डिजाइनर, हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यातक मौजूद थे।
हस्तशिल्प की तरह घर में ही सीखी राजनीति
मुख्यमंत्री ने कहा, कारीगर अपने घरों से ही अपने काम सीख लेते हैं। परिवार, मां-बाप उन्हें माहौल उपलब्ध कराते हैं, जिससे धीरे-धीरे वे कुशल कारीगर बन जाते हैं। उसी तरह मैंने भी अपने घर में ही राजनीति सीख ली। उन्होंने कहा, एक मुख्यमंत्री पहले साइकिल से भागते थे। वे अब साइकिल से चलने लगे हैं।
हैंड डिजाइन संस्था ये काम करेगी
हैंड डिजाइन संस्था प्रदेश सरकार से जुड़कर सूबे के हस्तशिल्प कारीगरों को प्रशिक्षण देने, उत्पादों के लिए बाजार तथा सीखने के बाद उद्यमी बनने की इच्छा रखने वाले कारीगरों को वित्तीय सहयोग दिलाने में मदद करेगी।
यह संस्था इनके उत्पादों को लग्जरी क्राप्ट की श्रेणी में लाने में भी सहयोग देगी। इससे इन्हें बाजार में अच्छी कीमत मिल सकेगी। संस्था के कर्ताधर्ता मैक्सीमिलिआनो माडेस्टी व अभिषेक सर्राफ ने लग्जरी क्राफ्ट के मुंबई के अपने प्रयोग के बारे में जानकारी दी।
संस्था की एमडी हेलेन दुबरुले, वरिष्ठ सहयोगी सेड्रिक बॉटनेट, मल्लिका वर्मा व कृष्णा मेनन के अलावा कारीगर अतीक, आशिमा हुसैन आदि ने भी अपने अनुभव बांटे।