‘प्रदेश सरकार कानपुर को सोने की मुर्गी (सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला जिला) समझकर काट रही है लेकिन बदले में कुछ नहीं दे रही है। जिले के विकास से जुड़े तमाम प्रस्ताव शासन की फाइलों में अटके पड़े हैं। उन पर सिर्फ इसलिए काम नहीं किया जा रहा है क्योंकि उसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से मांग की गई है। कानपुर की तरह प्रदेश सरकार वाराणसी से भी सौतेला व्यवहार कर रही है क्योंकि वहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद हैं।’
यह आरोप सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने सोमवार को प्रेसवार्ता में लगाए। जोशी ने बताया कि सड़क, बिजली, पानी और ट्रैफिक से जुड़े आधा दर्जन प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को कई पत्र लिखे, मौखिक रूप से बात भी की लेकिन किसी में भी तेजी नहीं नजर आ रही है।
जनपद से ओवरलोडिंग रोकने के लिए काफी संख्या में बैरियर लगाने की बात की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसी वजह से सड़कों का बुरा हाल है।