लक्ष्मण मेला मैदान पर प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : amar ujala
अपनी मांगों को लेकर राजधानी में बुधवार को उमड़े प्राथमिक शिक्षकों को सरकार ने होली का तोहफा दे दिया है। बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने शिक्षकों से बात करने के बाद उनकी कई मांगें हाथोंहाथ मान ली।
इनमें तीन साल से रुके अंतर्जनपदीय तबादले अगले महीने से खोलने के आदेश देने के अलावा मृतक आश्रितों को बीटीसी कराकर शिक्षक की नौकरी दिए जाने की मांगे प्रमुख हैं। अभी तक उन्हें चपरासी की नौकरी दी जाती थी। सूबे के 4,48,873 शिक्षकों को इसका फायदा मिलेगा।
अहमद हसन ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की कई मांगें मान ली गई हैं। बाकी मांगों पर भी विचार किया जाएगा। 22 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी में प्रदर्शन करने पहुंचे शिक्षकों ने 8 प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त कर दिया।
पूरे सूबे के शिक्षक पहुंच गए
प्रदर्शन के दौरान शिक्षक
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बुधवार सुबह से ही पूरे सूबे से शिक्षक लखनऊ पहुंचने लगे।
दोपहर बाद बेसिक शिक्षामंत्री अहमद हसन ने सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में संघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा और संरक्षक लल्लन मिश्र की अगुवाई में आए एक शिष्टमंडल से वार्ता की। इस दौरान सचिव बेसिक शिक्षा आशीष गोयल भी मौजूद रहे।
यूपी सरकार ने ये मांगें मानीं
- अप्रैल से शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों पर लगी रोक हटा ली जाएगी।
- मृत शिक्षकों के आश्रितों को सरकार बीटीसी कराएगी। टीईटी पास करने के बाद उन्हें शिक्षक बनाया जाएगा।
- नवीन पेंशन योजना के तहत कटौती की मांग भी मान ली गई। मई से कटौती शुरू होगी।
- शिक्षकों की सामूहिक बीमा की राशि एक लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये की जाएगी।
- पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं तो दोनों को मकान किराया भत्ता मिलेगा।
ये मांगे भी मानी
मांगे पूरी होने पर शिक्षकों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया
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- महिला शिक्षकों को पहली दो संतानों की देखभाल के लिए मातृत्व अवकाश मिलेगा।
- दो से अधिक संतानों वाली महिला शिक्षकों को भी पहले दो बच्चों की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव मिलेगी।
- विद्यालयों में रंगाई-पुताई और छात्राओं की ड्रेस की राशि का भुगतान एकमुश्त होगा।
- प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने दावा किया कि शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन से अनुपस्थित छात्रों की सूचना या आकस्मिक अवकाश लेने के लिए एसएमएस भेजने की व्यवस्था बंद करने पर भी सहमति बनी। हालांकि अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की।
मंत्री ने कहा- शिक्षक का बेटा पानी पिलाये यह ठीक नहीं
बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने शिक्षक नेताओं से कहा कि सरकार भी यह ठीक नहीं मानती कि उच्च शिक्षित मृतक आश्रितों को दफ्तरों में पानी पिलाने का काम दिया जाए। इसलिए आश्रितों को बीटीसी कराकर शिक्षक बनाया जाएगा।