पुलिस की छवि जनता में मित्र की तरह होनी चाहिए। पुलिस अफसरों को सदैव जनता के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। उतर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शुक्रवार को उनसे भेंट करने आए भारतीय पुलिस सेवा के 72वें (2018-19 बैच) के 14 परिवीक्षाधीन अधिकारियों से यह अपेक्षा की।
राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं एवं बच्चियों में असुरक्षा की भावना को खत्म करने का माहौल बनाएं, ताकि बेटियां बेधड़क होकर कहीं आ-जा सकें और माता-पिता को चिंता भी न रहे।
पुलिस अफसरों को व्यावहारिक ज्ञान व प्रशिक्षण फील्ड में ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि आप लोग गांव के बच्चों से मिलें और उन्हें मित्र बनाएं। ये बच्चे गांव में होने वाली हर घटनाओं के बारे में आपको सूचित करते रहेंगे और आपके बड़े काम आएंगे।
राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि टीबी ग्रस्त बच्चों को स्वयं गोद लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। बच्चा जब ठीक होगा तो आपको भी संतुष्टि मिलेगी। इस संबंध में जिलाधिकारी से समन्वय कर स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग भी ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में बाल विवाह कतई न होने दें, क्योंकि यह एक सामाजिक बुराई है। एक सभ्य समाज के लिए इसका सभी को विरोध करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को महसूस करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शिता से कार्य करें।
राज्यपाल से भेंट करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों में अभिषेक भारती, अभिजीत आर शंकर, कृष्ण कुमार, मनीष कुमार शांडिल्य, मृगांक शेखर पाठक, अजय जैन, सागर जैन, आकाश पटेल, सत्य नरायन प्रजापत, विवेक चन्द्र यादव, प्रीति यादव, सारावनान टी, शशांक सिंह तथा अनिरूद्ध कुमार शामिल थे।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) सुजान वीर सिंह तथा अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) एसएन तरडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।