उत्तर प्रदेश में अंतर धार्मिक विवाह पर सरकार से प्रोत्साहन राशि लेना अब बेहद कठिन होगा। शासन ऐसे विवाह पर प्रोत्साहन के नियमों को कड़ा करने जा रही है। ऐसे जोड़ों के लिए राष्ट्रीय एकीकरण विभाग की ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दिए जाने का प्रावधान है।
यूपी सरकार के हाल ही में लाए अध्यादेश के अनुसार, धोखे से धर्म परिवर्तन करवाने पर 10 साल तक की सजा हो सकती है। इस नए कानून के मुताबिक सिर्फ शादी के लिए किया गया धर्म परिवर्तन मान्य नहीं होगा, ऐसे विवाह को खत्म माना जाएगा। इसे देखते हुए शासन अंतर धार्मिक विवाह पर प्रोत्साहन के नियमों को भी कड़ा करने जा रही है।
पहले यह देखा जाएगा कि ऐसे विवाह नए बनाए गए कानून का उल्लंघन तो नहीं हैं। इसके बाद ही शादी करने वाले जोड़े को प्रोत्साहन राशि के बाबत कोई निर्णय किया जाएगा। माना जा रहा है कि ये नियम इतने कड़े होंगे कि शायद ही किसी को इस योजना का लाभ मिल सके।
प्रमुख सचिव राष्ट्रीय एकीकरण विभाग जितेंद्र कुमार का कहना है कि अंतर धार्मिक विवाह पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने पर अभी कोई रोक नहीं लगाई गई है। लेकिन, नए कानून के मद्देनजर जांच-पड़ताल के बाद ही ऐसे मामले में कोई निर्णय किया जाएगा।