‘देखिए, प्रदेश को खेलस्तर को एकाएक बुलंदियों पर नहीं पहुंचाया जा सकता, लेकिन हमारी कोशिश होगी कि यह काम तेजी से हो। मेरे विचार से यहां पर कारपोरेट जगत अहम भूमिका निभा सकता है। सरकार का प्रयास होगा यूपी में खेलों के प्रोत्साहन के लिए कारपोरेट जगत का दखल बढे़ और हम प्रदेश का बेहतर भविष्य तैयार कर सके।’
यह कहना है प्रदेश के खेलमंत्री एवं पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चेतन चौहान का, जो बृहस्पतिवार को खेल निदेशालय पहुंचे। उन्होंने स्टेडियम के प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों को स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि यूपी में खेल नीति का लागू न होना भी निराशाजनक है।
हमारा प्रयास होगा कि यहां के सरकारी विभागों मेें खेलों का आरक्षण लागू किया जाए, ताकि सूबे से खिलाड़ियों के पलायन को रोका जा सके। चौहान ने कहा कि हम खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। इसके लिए साई के प्रशिक्षकों की मदद ली जाएगी।
संभव हुआ तो विदेशी प्रशिक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे। खेलों में भ्रष्टाचार के एक प्रश्न के जवाब में बोले मैं समझ सकता हूं कि खेल अधिकारियों पर किसी तरह का दबाव पड़ता है। सूबे में स्पोर्ट्स कॉलेजों फर्जी एडमिशन को लेकर भी विवाद सुना है, लेकिन बिना फाइल को देखे बिना कुछ भी नहीं बोलना चाहता हूं। मुझे कुछ वक्त दीजिए। समय आने पर कड़े निर्णय भी लिए जाएंगे और दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।