प्रदेश की योगी सरकार ने वाल्मीकि जयंती के मौके पर विकास खंड स्तर तक के श्रीराम व हनुमान मंदिरों का दस्तावेजीकरण कराने और इसे गजेटियर में प्रकाशित कराने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार की पहल पर पहली बार वाल्मीकि जयंती पर आठ से 24 घंटे का वाल्मीकि रामायण का अनवरत पाठ करवाया गया।
सरकार जल्दी ही महर्षि वाल्मीकि व गोस्वामी तुलसीदास की कर्मस्थली चित्रकूट के लिए बड़ी योजनाओं का एलान कर सकती है। महर्षि वाल्मीकि आदि कवि हैं और उनकी कालजयी कृति रामायण महाकाव्य भगवान श्रीराम के समकालीन मानी जाती है।
सरकार ने अपने धार्मिक व सांस्कृतिक एजेंडे को और आगे बढ़ाते हुए इस बार महर्षि वाल्मीकि जयंती के मौके पर रामायण पाठ का आयोजन जिलाधिकारियों के निर्देशन में कराया। सभी 75 जिलों में श्रीराम मंदिर, हनुमान मंदिर, बाल्मीकि मंदिर व अन्य मंदिरों पर रामायण पाठ के आयोजन पूरे भक्तिभाव के बीच हुए।
करीब 1,000 मंदिरों में ये आयोजन एक साथ हुए। बाल्मीकि समाज के साथ अन्य समाज के लोगों को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। निदेशक संस्कृति शिशिर ने बताया कि सरकार ने प्रत्येक जिले में ब्लाक स्तर तक श्रीराम मंदिर व हनुमान मंदिर का दस्तावेजीकरण करने का फैसला किया है।