शिया वक्फ बोर्ड चुनाव में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने सरकार से चुनाव दोबारा कराने की मांग की। मौलाना ने वसीम को मुर्तद (इस्लाम से खारिज) बताते हुए वक्फ बोर्ड का सदस्य बनने की निंदा की।
बृहस्पतिवार को अपने आवास पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव में स्पष्ट भ्रष्टाचार हुआ था जिसके सुबूत सामने आ चुके है। मौलाना ने कहा कुरान में बदलाव के क़ायल और कुरान के दुशमन व्यक्ति को वक्फ बोर्ड में सदस्य बनाया जाना निंदनीय है। मौलाना ने सरकार से वक्फ बोर्ड का दोबारा चुनाव कराने की मांग करते हुए कहा मतदाता मुतव्वल्लियों ने एक हलफनामा जारी करके कहा है कि उन्होंने मुर्तद वसीम रिजवी को वोट नहीं दिया था, इसके बावजूद उसे वक्फ बोर्ड का विजयी सदस्य घोषित किया गया। मौलाना ने कहा कि वक्फ बोर्ड के कर्मचारी भी इस भ्रष्टाचार में शामिल थे जो चुनाव के समय अंदर मौजूद थे।
मौलाना ने कहा कि कुरान का अपमान करने वाला व्यक्ति किसी भी मुस्लिम संस्था का सदस्य नही हो सकता। भारत के सभी ओलमा ने उसे इस्लाम से ख़ारिज क़रार दे चुके हैं, यहां तक कि मराजए किराम ने भी कहा है कि ऐसा व्यक्ति किसी मुस्लिम इदारे का सदस्य नही बन सकता। मौलाना ने कहा कि अगर सरकार उसके खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो सभी शिया और सुन्नी ओलमा एकजुट होकर अपनी गिरफ्तारी देंगे। मौलाना ने कहा कि वक्फ संपतियां अभी भी बेची जा रही हैं और वक्फ की जायदाद को बचाने के लिये कोई क़दम नहीं उठाया जा रहा है। मौलाना ने कहा कि वसीम रिजवी को फिर से वक्फ बोर्ड में लाया गया, तो वह पूरी तरह से वक्फ संपतियों को नष्ट कर देगा। मौलाना ने सवाल उठाया कि ऐसे भ्रष्ट व्यक्ति को अब तक गिरफ्तार कियों नहीं किया गया है जिसकी बेइमानियां साबित हो चुकी है।
एटीएस की सही नहीं होती हर गिरफ्तारी
यूपी एटीएस की ओर से 1000 से ज्यादा लोगों का धर्मांतरण कराने के मामले में जहांगीर और उमर गौतम की गिरफ्तारी पर एक सवाल के जवाब में मौलाना जवाद ने कहा कि एटीएस की गिरफ्तारी कई बार सही नहीं होती। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए। मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि जिन लोगों का धर्मांतरण हुआ है, उन लोगों का बयान दर्ज होना चाहिए कि क्या वाकई में उनको जोर जबरदस्ती से इस्लाम में शामिल कराया गया या उन्होंने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तित किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपना धर्म परिवर्तित करता है तो भारतीय संविधान में उसको दोषी नहीं बनाया जा सकता।
भारतीय संविधान में हर धर्म को अपने धर्म को बढ़ावा देने का अधिकार है फिर चाहे वह हिंदू धर्म हो, मुस्लिम धर्म हो या फिर क्रिश्चियनिटी किसी भी धर्म में अपने धर्म के प्रचार प्रसार की पूरी आजादी है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम में जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया ही नहीं जा सकता, अगर किसी व्यक्ति का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया जाता है तो उस व्यक्ति को इस्लाम में शामिल नहीं माना जाता। विदेशों से धर्म परिवर्तन के लिए हो रही फंडिंग के सवाल पर मौलाना ने कहा कि यह तो हमारी एजेंसियों की बड़ी चूक है। अगर एजेंसियां इस बात को कहती हैं कि विदेशों से फंडिंग हो रही थी तो वह इस बात को साबित करें। किन देशों से पैसा आ रहा था और आखिरकार कितने समय तक कैसे पैसा आता रहा और जांच एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी यह तो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा एक बड़ी चूक है।