फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी : अब प्रवासियों को रोजगार देने के लिए दूसरे राज्यों को लेनी होगी सरकार से मंजूरी  

Mon, 25 May 2020 10:57 AM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा और बीमा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को रोजगार देने के इच्छुक अन्य राज्यों को यूपी सरकार की मंजूरी लेनी होगी।

विज्ञापन


योगी ने कहा कि मजदूरों के साथ कई राज्यों में दुर्व्यवहार की रिपोर्ट सामने आई हैं। अगर कोई राज्य प्रवासी मजदूरों को रोजगार देना चाहता है तो उन्हें इसके लिए सरकार की मंजूरी लेनी होगी। हम मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा की पूरी जिम्मदारी लेते हैं। हम उन्हें बीमा सहित हर तरह की सुरक्षा देंगे। 

माइग्रेशन कमीशन को रुपरेखा प्रस्तुत करने के निर्देश
 

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा था कि कामगारों व श्रमिकों को सेवायोजित करने के लिए एक माइग्रेशन कमीशन गठित करने की रुपरेखा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके तहत कामगारों व श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जाए और उनका सारा ब्यौरा इकट्ठा किया जाए जिसके बाद उन्हें रोजगार देकर मानदेय दिया जाए। कृषि विभाग और दुग्ध समितियों में ऐसे श्रमिकों व कामगारों को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करवाया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने ये निर्देश रविवार को अफसरों के साथ हुई समीक्षा बैठक में दिए।
विज्ञापन


कामगारों व श्रमिकों को राज्य स्तर पर बीमे का लाभ देने की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे इनका जीवन सुरक्षित हो सकेगा। ऐसी कार्य योजना तैयार की जाए, जिससे कामगारों व श्रमिकों को जॉब सिक्योरिटी मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से अब तक 23 लाख कामगारों व श्रमिकों को प्रदेश वापस लाया जा चुका है। राज्य सरकार इन सभी की सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने कहा कि आने वाले सभी श्रमिकों व कामगारों की स्क्रीनिंग कर उन्हें आवश्यकतानुसार क्वारंटीन सेंटर या होम क्वारंटीन में भेजा जाए। होम क्वारंटीन किए जाने वाले श्रमिकों व कामगारों को खाद्यान्न किट जरूर दी जाए और इनके राशन कार्ड भी बनवाए जाएं। साथ ही, इन्हें होम क्वारंटीन के दौरान 1,000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता भी उपलब्ध करवाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें