वृंदावनी गाय की खासियत
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान द्वारा चार नस्ल को मिलाकर तैयार की गई है। इसमें होल्स्टीन, फ्रीजियन, ब्राउन स्विस व साहीवाल का मिश्रण है। ऐसे में यह मौसम के अनुकूल और रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली है। प्रतिदिन 25 से 35 लीटर दूध भी भरपूर देती है। इसके दूध में फैट (वसा) की मात्रा लगभग 4% से 4.5% के बीच होती है। जल्दी वयस्क होती है। लगभग 24 से 28 माह में पहली बार गर्भ धारण कर लेती है। थनैला सहित अन्य बीमारियां नहीं लगती हैं।
फ्रिजवल गाय की खासियत
केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान मेरठ और सैन्य फार्म के सहयोग से तैयार फ्रिजवल गाय भी संकर नस्ल है। फ्रिजवल नाम इसके माता-पिता की नस्लों से मिलकर बना है। फ्रिज यानी होल्स्टीन फ्रीजियन और वल यानी साहीवाल है। रोग प्रतिरोधक क्षमता और गर्मी सहने की शक्ति अधिक होती है।
फ्रिजवल गाय में करीब 62.5% रक्त होल्स्टीन फ्रीजियन का और करीब 37.5% रक्त साहीवाल का होता है। डेयरी के लिए उत्तम है। दूध में फैट (वसा) की मात्रा लगभग 4% के आसपास होती है। 26 माह में गर्भधारण करती है। इसमें चीचड़, थनैला और अन्य उष्णकटिबंधीय बीमारियों से लड़ने भरपूर क्षमता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अपर मुख्य सचिव पशुधन ने बताया कि मुकेश कुमार ने बताया कि प्रदेश के पशुपालकों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। गाय प्राथमिकता है। ऐसे में ज्यादा दुधारू और वातावरण के अनुकूल रहने वाली एवं बीमारी मुक्त प्रजातियों को बढावा दिया जा रहा है। इन दोनों प्रजातियों को प्रदेश में बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया गया है।