यूपी सरकार एक बार फिर से सुन्नी वक्फ बोर्ड पर मेहरबान हुई है। सरकार ने 30 सितंबर को खत्म हुए वक्फ बोर्ड के कार्यकाल को एक बार फिर से छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। जानकारी के मुताबिक, जुफर अहमद फारूकी ही बोर्ड के चेयरमैन बने रहेंगे।
बता दें कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के लिए दोबारा छह महीने के लिए कार्यकाल बढ़ाया गया है। बोर्ड का कार्यकाल 31 मार्च 2020 को खत्म हो चुका था जिसके बाद 30 सितंबर तक के लिए कार्यकाल बढ़ा दिया गया। अब एक बार फिर से सरकार ने छह महीने का कार्यकाल बढ़ा दिया है।
अब उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड जुफर अहमद फारुकी की अध्यक्षता में छह महीने और काम कर सकेगा। हालांकि, सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर अभी सरकार की ओर से विस्तार को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
भ्रष्टाचार मामले में शिया वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड की जांच शुरू
सेंट्रल वक्फ काउंसिल के एक दल ने बुधवार को राजधानी में शिया वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के रिकॉर्ड की जांच की। शिया वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार और हेराफेरी की शिकायतें थीं। इसकी जांच के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने 7 सदस्यों की कमेटी बनाई है। इसमें सेंट्रल वक्फ काउंसिल के सचिव सफी नकवी और विभिन्न राज्यों के वक्फ बोर्ड के सदस्य शामिल हैं।
कमेटी के तेलंगाना के सदस्य हनीफ अली ने बताया कि यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए कमेटी तीन दिन के लिए राजधानी लखनऊ के दौरे पर है। कमेटी के सदस्य वसीम राहत अली खान ने बताया कि वक्फ संपत्तियों का फायदा गरीब मुसलमानों को हो, इसलिए भ्रष्टाचार की जांच की जा रही है। जांच करने वालों में दिल्ली के कारी हारून और केरल के टीए नौशाद भी शामिल हैं।
सुन्नी वक्फ बोर्ड के कार्यों की हुई समीक्षा
सेंट्रल वक्फ काउंसिल के सदस्यों ने बुधवार को सुन्नी वक्फ बोर्ड के कार्यों की समीक्षा की। सदस्य हनीफ अली ने बताया कि यह जांच का हिस्सा नहीं है। यह रूटीन कार्य है, जो साल में एक बार की जाती है। कॉउंसिल की ओर से वसीम राहत अली खान, साफ नकवी और सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएम शुऐब, विधि अधिकारी मुबीन खान, सहायक सचिव ताजदार आलम और कार्यपालक अधिकारी जुनेद खां मौजूद थे।