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पढ़िए, क्या है यूपी में शिक्षकों का गणित

Tue, 25 Feb 2014 09:58 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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विधानसभा सत्र के दौरान में यूपी सरकार के शिक्षा मंत्री ने कुछ ऐसी बातों का खुलासा किया है, जिन्हें आप जरूर जानना चाहेंगे।
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सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में स्वीकार किया कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या के अनुपात में अध्यापक नहीं हैं।

शिक्षकों की कमी को देखते हुए सरकार जल्द से जल्द भर्ती करना चाहती है। शिक्षक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 नवंबर 2013 के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है।

इसके निस्तारण के बाद परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के  पदों पर भर्ती शुरू की जाएगी।

मंत्री ने कहा, लेकिन हो रही भर्तियां

भाजपा के सुरेश राणा व डॉ. अरुण कुमार तथा बसपा के नीरज मौर्य के सवाल के जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा, यह सही है कि छात्र संख्या के अनुपात में अध्यापक नहीं हैं, लेकिन सरकार लगातार भर्तियां करके अध्यापकों की कमी को दूर करने का प्रयास कर रही है।

चौधरी ने बताया कि कुल 1,10,376  प्राथमिक विद्यालयों में से 4583 और 46,503 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में से 1484 में एक भी नियमित अध्यापक नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि आसपास के विद्यालयों से इन विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की वैकल्पिक व्यवस्था कर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। इन स्कूलों में शिक्षा मित्रों की भी नियुक्ति की गई है।

30 छात्रों पर होना चाहिए एक शिक्षक

उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के मानक के अनुसार
30 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए।

सरकार शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रयासरत है। हजारों अध्यापकों की भर्ती की गई है और प्रक्रिया चल भी रही है।

उन्होंने 2011 में टीईटी की परीक्षा में हुई धांधली का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार अगर हाईकोर्ट के 20 नवंबर के फैसले को मानती है तो अभी तक जिन 20-25 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई है उन्हें निकालना पड़ेगा।

चौधरी ने बताया कि इसीलिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है। याचिका के निस्तारित होते ही परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
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रोजगारपरक विषयों की पढ़ाई

भाजपा के सुरेश खन्ना व डॉ. अरुण कुमार के एक सवाल के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट परीक्षा में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत रोजगारपरक विषय पूर्व से शामिल हैं।

इंटरमीडिएट परीक्षा में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत कुल 40 व हाई स्कूल परीक्षा में 24 ट्रेड विषय शामिल हैं।

जहां जो उद्योग स्थापित हैं उसके अनुसार ट्रेनिंग कराने संबंधी खन्ना के अनुपूरक सवाल के जवाब में आजम ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।
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