योगी सरकार ने अपने ध्रुवीकरण के एजेंडे को आगे बढ़ा दिया है। लोकभवन में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की छठी बैठक में कई अहम फैसले हुए।
इनमें अयोध्या व फैजाबाद को मिलाकर अयोध्या नगर निगम व मथुरा-वृंदावन नगर निगम बनाने के प्रस्ताव की मंजूरी अहम है। इसके अलावा पटरी दुकानदारों को नियमित करने के लिए फेरी नीति और स्टांप से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी के लिए त्रिस्तरीय अपील व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री सत्ता में आने के बाद अब तक अयोध्या व मथुरा भले नहीं गए, लेकिन उन्होंने इन दोनों धर्मस्थलों के बहाने पार्टी के ध्रुवीकरण के एजेंडे को धार देनी शुरू कर दी है।
कैबिनेट ने अयोध्या-फैजाबाद को मिलाकर नगर निगम बनाने का तो फैसला किया, लेकिन नामकरण फैजाबाद को नजरंदाज कर सिर्फ अयोध्या के नाम किया। वहीं, मथुरा-वृंदावन नगर निगम का नाम इन जुड़वा धर्मस्थलों को मिलाकर रखने को मंजूरी दी।
सरकारी प्रवक्ता श्रीकांत ने कहा कि इन दोनों धार्मिक शहरों के लोगों को और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को दुनिया के अन्य धार्मिक स्थलों की तरह सुविधाएं मिलें इसके लिए यह फैसला किया गया है। इस फैसले से अयोध्या व मथुरा-वृंदावन का चहुंमुखी विकास होगा और पर्यटन रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।