निदेशक शत्रुघ्न सिंह की ओर से शासन को भेजे गए लिखित जवाब में कहा गया है कि प्रस्ताव भेजने में न तो विलंब हुआ है और न इसके लिए कोई दोषी है। निदेशक के इस जवाब को शासन ने खारिज कर दिया है।
शासन की ओर से विशेष सचिव गया प्रसाद ने दुबारा निदेशक को पत्र लिखकर कहा है कि जो प्रस्ताव भेजे गए हैं, वह अधूरे और सरसरी तौर पर तैयार किए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के संबंध में निदेशक की ओर से दी गई सूचना सही नहीं है। इसलिए 16 सितंबर तक दोषी कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शासन को इससे अवगत कराएं।