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यूपी: शासन ने मांगे राज्य कर के सबसे भ्रष्ट अफसरों के नाम, सभी जिलों के जोनल आयुक्तों से मांगी गई सूची

Sat, 09 Nov 2024 07:13 AM IST
रोहित मिश्र अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ

सार

Yogi government in action: योगी सरकार भ्रष्ट अधिकारियों की नकेल कसने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सबसे भ्रष्ट अधिकारियों की सूची मांगी गई है।
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योगी सरकार एक्शन में। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य कर विभाग के सबसे भ्रष्ट और खराब छवि वाले अधिकारियों की सूची शासन ने मांगी है। इस संबंध में प्रमुख सचिव राज्य कर एम देवराज ने समीक्षा बैठक में सभी जोनल आयुक्तों और संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जिले में सचल दल और विशेष जांच दल (एसआईबी) के एक-एक सर्वाधिक भ्रष्ट अधिकारियों के नाम मांगे गए हैं।

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जोनवार समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने प्रदेश के सभी अपर आयुक्त ग्रेड-1 और अपर आयुक्त ग्रेड-2 (एसआईबी) को निर्देश दिए कि एसआईबी और सचल दल के सबसे भ्रष्ट व खराब अधिकारियों के नाम तत्काल बताएं। जोन स्तर पर सबसे खराब परफार्मेंस और खराब छवि वाले अधिकारियों के नाम भी मांगे गए हैं। परफार्मेंस को लेकर उन्होंने एसआईबी और सचल दल के लिए मानक भी जारी कर दिए हैं। इनकी कसौटी पर फेल होने वाले अधिकारियों की सूची बनेगी। इसमें सबसे खराब परफार्मेंस वाले एक-एक अधिकारी का नाम शासन के पास भेजा जाएगा।

राज्य कर कार्यालयों में खलबली, अधिकारियों में फूट पड़ी
इस आदेश से जहां प्रदेश भर के राज्य कर कार्यालयों में खलबली मच गई है, वहीं अधिकारियों में फूट पड़ गई है। दरअसल एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1, ग्रेड-2 और ज्वाइंट कमिश्नरों से भ्रष्ट अधिकारियों की सूची मांगने से ये संदेश चला गया है कि ऊपर वाले पाक साफ हैं और केवल उपायुक्त, सहायक आयुक्त और वाणिज्य कर अधिकारी ही खराब व भ्रष्ट हैं।
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विभाग में सबसे खराब शब्द को लेकर विवाद छिड़ गया है। परफार्मेंस के अलावा खराब शब्द को लेकर अधिकारियों का कहना है कि इसका कोई पैमाना ही नहीं है। वहीं, भ्रष्टाचार को लेकर उनकी दलील है कि जिस पर आरोप हैं, उसकी जांच की जाए। जांचें चल भी रही हैं। सालाना गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में उसका जिक्र भी होता है।

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इन मानकों से होगा तय

एसआईबी
-टैक्स कलेक्शन की स्थिति
केस प्रोफाइल की गुणवत्ता
-रिपोर्ट भेजने और उसके स्तर की गुणवत्ता
-सामान्य छवि
सचल दल
-कितना टैक्स कलेक्शन
-वाहन चेकिंग के सापेक्ष टैक्स चोरी वाले वाहनों की संख्या
-ईवे बिल स्कैनिंग और जोन के टैक्स कलेक्शन पर असर
-50 हजार से कम के बिलों का संकलन व टैक्स कलेक्शन का असर
-अधिकारी की सामान्य छवि
(इन मानकों के अलावा अपने मानक भी जोनल अफसर तैयार कर सकते हैं।)
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