गोल्ड लोन बाजार में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का दबदबा है। ये बैंक देश भर में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं। वहीं, गोल्ड लोन पर केंद्रित गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) की लोन संख्या तेजी से बढ़ रही है। 2.5 लाख रुपये से अधिक के गोल्ड लोन का हिस्सा बढ़कर 8 माह में 59 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। यानी लोग अब बड़ी रकम के लिए भी सोने को गिरवी रख रहे हैं। दरअसल, गोल्ड लोन मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वहीं, यह एक सुरक्षित कर्ज श्रेणी भी माना जाता है क्योंकि इसमें कोलेटरल के रूप में सोना मौजूद रहता है।