फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP GIS 2023: यूपी में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से सरकार ने बदला माहौल, लक्ष्य से तीन गुना ज्यादा साइन हुए एमओयू

Mon, 13 Feb 2023 03:39 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

लखनऊ में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 33.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के एमओयू साइन हुए हैं। बताया जा रहा है कि इससे करीब 94 लाख रोजगार पैदा होंगे। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर एमओयू धरातल पर उतरे से प्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी। 
विज्ञापन
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में रिकार्ड 33.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 94 लाख लोगों को रोजगार का वादा कर सरकार ने प्रदेश का माहौल बदलने का प्रयास किया है। समिट के आयोजन से जहां शहर की रंगत बदली है। वहीं शूद्र व पिछड़े की राजनीति से गरमाया माहौल भी निवेश और रोजगार की फिजा में बदला है। लेकिन, इस माहौल को लोकसभा चुनाव तक बरकरार रखना किसी चुनौती से कम नहीं है।

विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने जीआईएस की तैयारी शुरू करने के साथ ही 11.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा था। 16 देशों के 21 शहरों में हुए रोड शो में 7.12 लाख करोड़ रुपये के निवेश एमओयू साइन होने के बाद सरकार का उत्साह बढ़ा। सरकार ने लक्ष्य को बढ़ाकर 17.13 लाख करोड़ रुपये किया। समिट के समापन पर रविवार तक 33.50 लाख करोड़ रुपये निवेश के एमओयू साइन हुए हैं। यह राशि शुरुआती निवेश लक्ष्य से तीन गुना और उसके बाद संशोधित लक्ष्य से करीब-करीब दोगुना है।

ये भी पढ़ें - मुख्यमंत्री योगी बोले, पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में आगे बढ़ाएगी डिजिटल इकॉनमी
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - बात करने से पता चल जाएगा कैंसर और लिवर की खराबी, ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एप से कर सकेंगे जांच


देश-विदेश के 15 हजार से अधिक निवेशकों और उद्यमियों से इतने बड़े निवेश का अनुबंध साइन होने और उससे करीब-करीब एक करोड़ युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद से माहौल बदला है। हर कहीं समिट के जरिये यूपी में होने वाले निवेश और उससे होने वाले विकास और रोजगार सृजन की चर्चा हो रही है।

प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों से लेकर छोटे दुकानदारों, परंपरागत उद्योगों से जुड़े कारीगरों और हस्त शिल्पियों, कुशल और अकुशल श्रमिकों में भी आगामी दिनों में रोजगार की उम्मीद बढ़ी है। प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक युवा आबादी को साधने का प्रयास कर रही है, इस समिट ने सबसे ज्यादा उम्मीद की किरण उसी युवा वर्ग में जगाई है। चर्चा शुरू हो गई है कि समिट के आयोजन की तर्ज पर एमओयू को धरातल पर उतारने में भी सरकार सफल रही तो, प्रदेश में तेज विकास नजर आएगा।

विज्ञापन

आसान नहीं था इतना बड़ा आयोजन

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन भी उसके नाम के अनुसार वैश्विक ही हुआ। यूपी में इतने बड़े स्तर पर समिट का आयोजन आसान नहीं था। प्रदेश सरकार के साथ देश-दुनिया के विभिन्न व्यापारिक, औद्योगिक संगठनों ने बीते छह महीने से इस समिट के आयोजन में ताकत झोंकी।

समिट में भारत के मित्र देशों का भी पूरा सहयोग और समर्थन मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सरकार के मंत्रियों, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा, आईआईडीसी अरविंद कुमार, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश और एसीईओ प्रथमेश कुमार की टीम के प्रयास से यह संभव हुआ।  

सरकार के लिए चुनौती बढ़ी
इन्वेस्टर्स समिट 2018 में 4.68 लाख करोड़ के एमओयू में से सरकार ने 75 फीसदी से अधिक एमओयू धरातल पर उतर जाने का दावा किया है। इसे पहली ग्लोबल समिट की बड़ी सफलता के रूप में गिनाया जा रहा है। अब सरकार के समक्ष 33.50 लाख करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारना है।

इसमें निवेशकों को आवश्यकता के अनुसार भूमि उपलब्ध कराना, निवेशकों को निवेश स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण दिलाना, निवेशकों की आवश्यकता और अपेक्षा के अनुरूप भू उपयोग परिवर्तन कराना और घर बैठे सभी तरह के इंसेंटिव दिलाना किसी चुनौती से कम न होगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें