ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन भी उसके नाम के अनुसार वैश्विक ही हुआ। यूपी में इतने बड़े स्तर पर समिट का आयोजन आसान नहीं था। प्रदेश सरकार के साथ देश-दुनिया के विभिन्न व्यापारिक, औद्योगिक संगठनों ने बीते छह महीने से इस समिट के आयोजन में ताकत झोंकी।
समिट में भारत के मित्र देशों का भी पूरा सहयोग और समर्थन मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सरकार के मंत्रियों, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा, आईआईडीसी अरविंद कुमार, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश और एसीईओ प्रथमेश कुमार की टीम के प्रयास से यह संभव हुआ।
सरकार के लिए चुनौती बढ़ी
इन्वेस्टर्स समिट 2018 में 4.68 लाख करोड़ के एमओयू में से सरकार ने 75 फीसदी से अधिक एमओयू धरातल पर उतर जाने का दावा किया है। इसे पहली ग्लोबल समिट की बड़ी सफलता के रूप में गिनाया जा रहा है। अब सरकार के समक्ष 33.50 लाख करोड़ के एमओयू को धरातल पर उतारना है।
इसमें निवेशकों को आवश्यकता के अनुसार भूमि उपलब्ध कराना, निवेशकों को निवेश स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण दिलाना, निवेशकों की आवश्यकता और अपेक्षा के अनुरूप भू उपयोग परिवर्तन कराना और घर बैठे सभी तरह के इंसेंटिव दिलाना किसी चुनौती से कम न होगा।