500, 200 और 100 रुपये के नोट छाप रहे थे
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपियों के पास से 500 रुपये के 223, 200 रुपये के 44 और 100 रुपये के 537 जाली नोट बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत 1.74 लाख रुपये है। इसके अलावा एक कैनन कलर प्रिंटर, चार प्रिंटर इंक रिफिल, दो खाली इंक रिफिल, ए-4 आकार के तीन बंडल कागज, तीन आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, 500, 200 और 100 रुपये के तीन डाई, 5500 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन मिले हैं।
मुंबई में सीखा जाली नोट छापना
एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में बृजेंद्र गोस्वामी ने बताया कि वह पहले मुंबई में रहता था। वहीं उसने जाली नोट छापने का काम सीखा था। इसके बाद श्रावस्ती आकर उसने गिरिजा शंकर और नरेंद्र के साथ मिलकर जाली नोट छापने और बाजार में खपाने की साजिश रची। आरोपियों को अंदेशा था कि दीपावली के दौरान जुआ खेलने वालों को नकदी की जरूरत होगी। इसी मांग का फायदा उठाकर वे जाली नोट बाजार में चलाना चाहते थे।