प्रदेश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के मद्देनजर हर जिले में बच्चों के इलाज के लिए चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरक्षित होंगी। ये सीएचसी जिला मुख्यालय से दूरदराज वाले इलाके में होंगे। इनमें 10 बेड होंगे, जिनमें दो बाई पेप भी होंगे। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने मंगलवार को सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस बाबत विवरण भेज दिया है।
इसी तरह सभी जिला अस्पतालों में बच्चों के लिए 40 बेड आरक्षित किए जाएंगे। इनमें 20 बेड का पीआईसीयू होगा। इसके अलावा 20 बेड सामान्य होंगे, पर ऑक्सीजन की व्यवस्था रहेगी। मंडल चिकित्सालयों में 80 बेड का इंतजाम किया जाएगा, जिसमें 40 बेड आईसीयू होगा और 40 ऑक्सीजन युक्त होगा। जिला एवं मंडल मुख्यालय वाले पीआईसीयू में वेंटिलेटर के साथ बाई पेप का इंतजाम रहेगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में पीआईसीयू बनाने के निर्देश दिए थे। पहले तय किया गया था कि हर जिले में 10 से 15 बेड का पीआईसीयू बनाया जाएगा, लेकिन अब इसकी संख्या बढ़ा दी गई है।
मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन उपलब्ध कराएगा सामग्री
10 बेड के पीआईसीयू में 5 वेंटिलेटर, 5 बाई पेप, 10 मल्टी पैरा मॉनिटर, 20 इन्फ्यूजन पंप, एक्सरे, ईसीजी, नेबुलाइजर सहित अन्य उपकरण होंगे। एक रेफ्रिजरेटर का भी इंतजाम किया जाएगा। इसी तरह ऑक्सीजन मास्क, ग्लूकोमीटर, नेजल फ्रॉम समेत अन्य उपकरण और दवाएं मौजूद रहेंगी। सभी उपकरणों, डिस्पोजल के सामान व दवाइयों के क्रय की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन को सौंपी गई है।
जून के पहले सप्ताह में शुरू होगा प्रशिक्षण
पीआईसीयू में कार्य करने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ, टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण जून माह के पहले सप्ताह में शुरू होगा। विशेषज्ञों का चार दिन का और पैरामेडिकल स्टाफ व टेक्नीशियन को दो दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए प्रदेश में हर स्तर पर तैयारियां की जा रही है। सीएचसी पर बच्चों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। दवा के साथ उपकरणों की सूची को भेज दिया गया है।
-डॉ. डीएस नेगी, महानिदेशक स्वास्थ्य