पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल किशोर रविवार को भाजपा पर हमलावर दिखे। उन्होंने अपने संगठन पारख महासंघ के बैनर तले राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आत्मसम्मान रैली की। रैली में उन्होंने सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने और आउटसोर्सिंग व्यवस्था चलाने पर गंभीर आपत्ति जताई।
कौशल किशोर ने कहा कि पूरे देश में करीब 90 हजार सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। यह लोगों के आत्मसम्मान पर हमला है। नौकरी में आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों के शोषण हो रहा है। पारख महासंघ इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगा। महासंघ आउटसोर्सिंग कर्मियों, कोटेदारों, शिक्षामित्रों, मजदूरों और शोषित वर्ग के आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ेगा।
उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की तर्ज पर राष्ट्रव्यापी प्रेरणा स्थल बनाकर इसमें वीरांगना ऊदा देवी, शहीद भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की ऊंची प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की। कहा कि इन क्रांतिकारियों ने जिस उद्देश्य से बलिदान दिया, उसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। नेपाल में स्थित बेगम हजरत महल की समाधि के अंश लखनऊ लाकर सम्मानपूर्वक स्थापित करने की भी मांग की। उन्होंने दावा किया कि रैली में प्रदेश के सभी जनपदों और करीब 20 प्रदेशों से लगभग 50 हजार लोग पहुंचे थे। हालांकि, मौजूद लोगों ने संख्या 15 से 20 हजार होने का अनुमान लगाया।
भाजपा छोड़ने की चर्चा को बताया अफवाह
कौशल किशोर ने भाजपा छोड़ने की चर्चाओं को विरोधियों की चाल बताया और रैली को गैर राजनीतिक कहा। इस रैली से इलाके के भाजपा नेताओं और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने दूरी बनाए रखी। हालांकि, मोहनलालगंज विधायक अमरेश रावत रैली में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पारख महासंघ सभी के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा। विधायक जय देवी कौशल, विकास किशोर, श्वेता किशोर, ज्ञान सिंह, पूर्व पार्षद तारा चंद्र रावत और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम विलास रावत सहित कई ब्लॉक प्रमुख, प्रधान और बीडीसी सदस्य भी इस रैली में उपस्थित थे।