मतदाता सूची और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
दिव्या मित्तल ने अपने संबोधन में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि दशरथ नाम के व्यक्ति से 120 फॉर्म-7 क्यों भरवाए गए। उन्होंने कहा कि वर्कर्स, घरेलू कामगारों और बेघर लोगों से प्रमाण मांगने की प्रक्रिया पर भी विचार होना चाहिए। उन्होंने आधार को मतदाता सूची से जोड़ने और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हो रहे हैं, जबकि 500 से अधिक नर्सिंग होम के पंजीकरण किए गए हैं। उन्होंने इसे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर कर निजी अस्पतालों को बढ़ावा देने की साजिश बताया। उनका कहना था कि अस्पतालों को बंद करने के बजाय उनकी व्यवस्था और इलाज की सुविधाओं में सुधार की जरूरत है।
श्रद्धा दुबे मामले पर भी दी प्रतिक्रिया
शिव शर्मा मामले में चर्चा में आईं श्रद्धा दुबे को लेकर भी दिव्या मित्तल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने की बात कही और कहा कि उनकी जानकारी में यह मामला वैसा नहीं है, जैसा बताया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के संज्ञान को लेकर भी टिप्पणी की। हालांकि, इस बयान के संदर्भ और मामले से जुड़े उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिव्या मित्तल की नई पार्टी अब 2027 के विधानसभा चुनाव में किस तरह संगठन खड़ा करती है और किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाती है, इस पर नजर रहेगी।