फरवरी में पिछले चार दिनों की बारिश पर नजर डालें तो संभल में सबसे ज्यादा 73.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मेरठ में 51.8 मिलीमीटर और बागपत में 41.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। बारिश के बाद बदले मौसम ने ठंड का एहसास और बढ़ा दिया है।
कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत व आसपास के इलाकों में।
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरेया, अमरोहा, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में।
लखनऊ में छाया कोहरा और ठिठुरते लोग।
राजधानी में बुधवार को दिन चढ़ने के साथ धूप खिली, लेकिन तेज रफ्तार पछुआ हवाओं के चलते सुबह और शाम ठंडक बनी रही। धूप के बावजूद सर्द हवाओं का असर महसूस होता रहा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश से पश्चिमी विक्षोभ का असर लगभग खत्म हो चुका है। अब पछुआ हवाओं के प्रभाव से आने वाले दो दिनों में रात के तापमान में हल्की और गिरावट आने की संभावना है। दिन में धूप निकलने से मौसम सामान्य बना रहेगा और अधिकतम तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। पछुआ के असर से कोहरे की सघनता घटेगी।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है, जिससे अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि सुबह के समय हल्का कोहरा छाने की संभावना बनी रहेगी।बुधवार को अधिकतम तापमान 2.3 डिग्री की बढ़त के साथ 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री की गिरावट के साथ 10.9 डिग्री सेल्सियस रहा।